एनसीपी (शरद पवार) गुट के विधायक रोहित पवार ने एक बार फिर अपने चाचा अजित पवार की प्लेन क्रैश में हुई मौत पर गंभीर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि ब्लैक बॉक्स को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं, साथ ही हादसे के समय एक धमाका नहीं बल्कि कई धमाके हुए थे।
रोहित पवार ने कहा, “विमान में सामान रखने वाली जगह पर अतिरिक्त पेट्रोल के डिब्बे रखे गए थे, जिससे आग भड़की।” उन्होंने साजिश का शक जताते हुए कहा कि यह दो तरह की हो सकती है, एक व्यवसायिक और दूसरी राजनैतिक।
उन्होंने कहा, “जांच जैसे-जैसे गहरी होती जा रही है, सामने आ रहा है कि विमान कंपनी को प्रभावशाली लोगों का समर्थन हासिल है। इसमें से कुछ राज्य सरकार में तो कुछ केंद्र में सत्ताधारी दल से जुड़े हुए बताए जा रहे हैं।”
रोहित पवार ने पीएम मोदी को लिखा पत्र
प्रधानमंत्री को लिखे पत्र में रोहित पवार ने ‘हितों के टकराव’ का गंभीर मुद्दा उठाते हुए आरोप लगाया कि जिस विमानन कंपनी (वीएसआर वेंचर्स) का विमान दुर्घटनाग्रस्त हुआ, उसके प्रमोटरों और नागरिक उड्डयन मंत्री की पार्टी (टीडीपी) के बीच घनिष्ठ संबंध हैं।
उन्होंने आरोप लगाया कि दुर्घटना से ठीक पहले विमान के डेटा और उपकरणों के साथ छेड़छाड़ की संभावना हो सकती है। उन्होंने यह भी दावा किया कि संबंधित कंपनी के रिकॉर्ड और सुरक्षा मानकों की जांच में पारदर्शिता की कमी है।
पवार ने प्रधानमंत्री से आग्रह किया कि इस मामले की जांच किसी ऐसी स्वतंत्र एजेंसी या न्यायिक आयोग से कराई जाए, जिस पर मंत्रालय का सीधा नियंत्रण न हो।
कैसे हुई थी अजित पवार की मौत?
बता दें कि बारामती के पास हुए इस दुखद विमान हादसे में अजित पवार समेत अन्य लोगों की मृत्यु हो गई थी, जिसके बाद से ही सुरक्षा मानकों और विमानन नियमों के उल्लंघन को लेकर लगातार सवाल उठ रहे हैं।
अजीत पवार की पत्नी एवं राज्य की उपमख्यमंत्री सुनेत्रा पवार इस दुर्घटना की सीबीआई से जांच कराने की मांग कर चुकी हैं, तो उनके छोटे पुत्र जय पवार ने दुर्घटनाग्रस्त विमान का ब्लैक बॉक्स की स्थिति पर सवाल उठाए हैं।