अमेरिका के राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप ने शनिवार को नासा के आर्टेमिस II मिशन के क्रू को पृथ्वी पर उनकी सफल वापसी के बाद बधाई दी। उन्होंने अंतरिक्ष यात्रियों की तारीफ करते हुए यह एलान किया कि अमेरिका के अंतरिक्ष अन्वेषण का अगला चरण मंगल ग्रह होगा।
ट्रुथ सोशल पर एक पोस्ट में ट्रंप ने लिखा, “आर्टेमिस II के महान और बेहद प्रतिभाशाली क्रू को बधाई। पूरी यात्रा शानदार रही, लैंडिंग एकदम सही थी और संयुक्त राज्य अमेरिका के राष्ट्रपति के तौर पर मुझे इससे ज्यादा गर्व नहीं हो सकता! मैं जल्द ही आप सभी से व्हाइट हाउस में मिलने का इंतजार कर रहा हूं। हम इसे फिर से करेंगे और फिर अगला कदम, मंगल ग्रह!”
पृथ्वी पर सफल वापसी
ट्रंप की ये टिप्पणी तब आई जब नासा का ओरियन अंतरिक्ष यान शनिवार तड़के कैलिफोर्निया के सैन डिएगो के पास प्रशांत महासागर में उतरा। इसके साथ ही 10 दिनों का चंद्र फ्लाईबाई मिशन पूरा हो गया।
इस क्रू में कमांडर रीड वाइजमैन, पायलट विक्टर ग्लोवर, मिशन स्पेशलिस्ट क्रिस्टीना कोच और कनाडा के जेरेमी हैनसेन शामिल थे। इन्होंने इतिहास में किसी भी इंसान के मुकाबले पृथ्वी से सबसे ज्यादा दूरी तय की। वे चांद के दूसरी तरफ 406,771 किलोमीटर की रिकॉर्ड दूरी तक पहुंचे, जो अपोलो 13 के 1970 के रिकॉर्ड से भी ज्यादा था।
चांद पर उतरने का रास्ता साफ
इस मिशन के बाद 2028 में चांद पर इंसानों को उतारने की योजना के लिए रास्ता साफ हो गया। इस सफर के दौरान, अंतरिक्ष यात्रियों ने वापस लौटने से पहले चांद के चारों ओर चक्कर लगाते हुए तस्वीरें भी लीं और कुछ चीजों को भी नोट किया।
इंटीग्रेट नाम के ओरियन कैप्सूल पृथ्वी के वायुमंडल में Mach 33 तक की रफ्तार से फिर से दाखिल हुआ और फिर पानी में उतरने के लिए उसने अपने पैराशूट खोल दिए। यह सफल लैंडिंग नासा के नए सिरे से शुरू किए गए चंद्र कार्यक्रम में एक अहम कदम है।
साथ ही ट्रंप की टिप्पणी ने एजेंसी की उन लंबी अवधि की महत्वाकांक्षाओं को राजनीतिक सुर्खियों में ला दिया है, जिनके तहत वह चंद्रमा से आगे बढ़कर मंगल ग्रह तक मानव मिशनों का विस्तार करना चाहती है।