प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ईरान अमेरिका जंग के बीच दुनिया को संदेश दिया है। उन्होंने कहा, “किसी भी मसले का हल सिर्फ सेना नहीं कर सकती है।”
पीएम मोदी ने ये बयान रूस- यूक्रेन और ईरान- अमेरिका और इजरायल के बीच हो रही जंग को लेकर दिया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि नियम-कानून, संवाद और कूटनीति ही किसी भी संघर्ष को सुलझाने का सही रास्ता है।
यह बात उन्होंने गुरुवार को दिल्ली में फिनलैंड के राष्ट्रपति अलेक्जेंडर स्टब के साथ संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस में कही है।
‘आतंकवाद को जड़ से खत्म करना हमारी प्रतिबद्धता’
पीएम मोदी ने वैश्विक चुनौतियों का जिक्र करते हुए कहा कि दुनिया को अब पुरानी वैश्विक संस्थाओं में सुधार की सख्त जरूरत है।
उन्होंने कहा, “वैश्विक संस्थाओं का सुधार न सिर्फ जरूरी है, बल्कि बहुत जल्दी करना होगा। साथ ही, हर रूप में आतंकवाद को जड़ से खत्म करना हमारी साझा प्रतिबद्धता है।”
इस दौरान उन्होंने यूरोपीय संघ के साथ जनवरी में हुए ऐतिहासिक व्यापार समझौते का भी ज़िक्र किया। उन्होंने कहा कि अस्थिरता के इस दौर में भारत और यूरोप के रिश्ते स्वर्णिम युग में प्रवेश कर रहे हैं। दोनों महाशक्तियां वैश्विक स्थिरता, विकास और समृद्धि को नई ताकत दे रही हैं।
प्रधानमंत्री ने फिनलैंड के साथ रणनीतिक साझेदारी को और गहरा करने पर जोर दिया। दोनों देशों ने कई समझौतों पर हस्ताक्षर किए, जो द्विपक्षीय रिश्तों को नई ऊंचाई देंगे। मोदी ने स्पष्ट किया कि शांति और संवाद ही आगे का रास्ता है, सैन्य रास्ता नहीं।