सैयद जावेद हुसैन (सह संपादक – छत्तीसगढ़):
धमतरी- जिले में पुलिस विभाग की कार्यशैली की चर्चा इन दिनों आम हो रही है! शहर समेत जिले में विभिन्न तरह के अपराधों में लगातार बढ़ोत्तरी देखी जा रही है, जिनमें लूट, चोरी, चाकूबाजी, नशा खोरी, नशीले पदार्थों की बिक्री आदि में स्थाई अंकुश लगता दिखाई नहीं दे रहा, यहां पुलिस फिसड्डी नज़र आ रही हैं।
इसके अलावा पुलिस विभाग उन मामूली मामलों को बड़ी बड़ी विज्ञप्तियों के माध्यम से प्रसारित कर अपनी पीठ थपथपाते लगभग रोज़ाना ही नज़र आती है।
हालांकि बीते दिनों हिंदू, मुस्लिम व सिंधी समाज के त्यौहार शांति पूर्वक बीते जिसमें पुलिस की बड़ी भूमिका थी जिसकी सराहना भी स्थानीय रहवासियों से सुनने मिली।
बावजूद इसके जिले के कुछ थानों क्षेत्रों में चोरी, नशाखोरी समेत अन्य तरह के अपराधों पर आवेदकों से शिकायत लेकर ही इतिश्री किया जा रहा है, और उन मामलों में प्रथम सूचना रिपोर्ट (एफआईआर) तक नहीं लिखी जाती जिससे पीड़ित थानों के चक्कर काट काट कर थक रहे हैं।
इन्हीं मामलों में से एक मामला है थाना अर्जुनी क्षेत्र के ग्राम लीलर का, जहां एक चैन माउंटेन मशीन से अज्ञात चोर मशीन का डिजिटल मीटर चोरी कर ले गए, जिसकी शिकायत थाना अर्जुनी में 13 फरवरी को आवेदक द्वारा की गई, इस मामले में थाना प्रभारी राजेश जगत ने एफआईआर. दर्ज करने की आवश्यकता नहीं है कहते हुए शिकायत के आधार पर चोर को पकड़ने की बात कही। इस चोरी के मामले में आवेदक द्वारा थाना प्रभारी को 4-5 संदिग्धों की जानकारी भी दी। अब इस चोरी को लगभग डेढ़ माह बीत चुके हैं, और पुलिस के हाथ अब तक चोर के गिरेबान तक नहीं पहुंच सके, और न ही मामले में एफआईआर ही दर्ज की गई। आवेदक थाने के चक्कर लगाकर थक चुका है।
मालूम हो कि चैन माउंटेन मशीन का जो मीटर चोरी हुआ है उसमें मशीन की सारी प्रोग्रामिंग होती है, जिसके बिना मशीन का चलना संभव नहीं है, उस मीटर की कीमत ₹3.5 लाख से भी ज्यादा है।
वहीं दूसरी ओर धमतरी पुलिस 1000-2000 की शराब या गांजा यदि पकड़ लेती है तो उसकी बड़े जोर शोर से विज्ञप्तियां जारी करती है, जबकि इस तरह के कई बड़े मामले केवल शिकायतों तक ही सिमट कर रह जाते हैं। धमतरी पुलिस की ऐसी कार्यशैली के चलते ही अपराधियों के हौसले बुलंद हो रहे हैं जो रहवासियों के लिए बड़ी चिंता का सबब बन रहे हैं।
जनवरी माह में एसपी सूरज सिंह परिहार ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर वर्ष 2025 के सालाना आपराधिक रिकॉर्ड में 35% की कमी बताई, वहीं जानकारों की मानें तो आपराधिक घटनाओं में काफी बढ़ोत्तरी हुई है, क्योंकि मामलों में एफआईआर ही दर्ज नहीं होगी तो रिकॉर्ड तो अलग आयेंगे ही।
बहरहाल जल्द ही कुछ और इसी तरह के गुमनाम मामलों का खुलासा किया जाएगा, जिसे लेकर धमतरी पुलिस की और भी भद्द पिटना तय है।