राजधानी दिल्ली के पीरागढ़ी में एक कार में मिले तीन लोगों के शवों की गुत्थी भले ही पुलिस ने सुलझा दी है लेकिन, इस घटना से हर कोई हैरान है।
पुलिस की जांच में सामने आया है कि करोड़पति बनने की चाह में ये तीनों लोग एक कथित तांत्रिक के झांसे में आ गए और अपनी जान गंवा बैठे। आइए बताते हैं कि आखिर ये तांत्रिक कौन है और इसका आपराधिक रिकॉर्ड क्या है?
कार में मिले थे तीन शव
आठ फरवरी को दोपहर में करीब 3.30 बजे पुलिस को सूचना मिली कि पश्चिम विहार ईस्ट थाना क्षेत्र में पीरागढ़ी फ्लाईओवर के पास एक कार खड़ी है, जिसमें तीन लोग अचेत पड़े हैं।
घटना की सूचना पर पुलिस तुरंत मौके पर पहुंची और उन्हें तत्काल अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरो ने तीनों को मृत घोषित कर दिया।
पुलिस को कार के अंदर से शराब और कोल्ड ड्रिंक की बोतल, तीन ग्लास, सभी के मोबाइल और कुछ नकदी मिली। पुलिस ने सभी सामान को जब्त करते हुए जांच शुरू कर दी।
वहीं, पुलिस की शुरुआती जांच में तीनों लोगों की जहर से मौत होने की पुष्टि हुई। पुलिस ने तीनों की मौत की गुत्थी सुलझाने के लिए तकनीक का सहारा लिया और संबंधित लोगों से पूछताछ की। पुलिस ने तीनों लोगों के मोबाइल की कॉल डिटेल भी निकलवाई।
जांच में तीनों के मोबाइल में एक संदिग्ध नंबर मिला, जो कि तीनों के मोबाइल में थे, वे उनके संपर्क में घटना के कुछ समय पहले तक थे।
कौन है तांत्रिक बाबा?
पुलिस ने गहनता से जांच की तो पता चला कि वह संदिग्ध नंबर लोनी, गाजियाबाद निवासी एक कथित तांत्रिक का है। सीसीटीवी फुटेज और लोकेशन ट्रेसिंग से यह साफ हो गया कि वारदात के वक्त वह तांत्रित गाड़ी में ही मौजूद था।
इसके बाद पुलिस ने आरोपी को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू की। जांच में पता चला वह एक शातिर और आदतन अपराधी है।
कैसे जाल में फंसाता था तांत्रिक
आरोपी तांत्रिक पर राजस्थान के धौलपुर और उत्तर प्रदेश के फिरोजाबाद में भी धोखाधड़ी और हत्या जैसे संगीन धाराओं के तहत मुकदमे दर्ज हैं।
वह फिरोजाबाद और लोनी में तांत्रिक केंद्र चलाकर भोले-भले लोगों की बीमारी ठीक करने का झांसा देकर पास बुलाता था फिर उन्हें धनवर्षा के जाल में फंसाता था।
पुलिस के अनुसार, आरोपी तांत्रिक से मृतक महिला लक्ष्मी ने शिव नरेश की पहचान कराई थी। लक्ष्मी और शिव नरेश की कुछ माह पहले ही दोस्ती हुई थी।
उसी ने बताया था कि वह अपने पति के किसी स्वास्थ्य समस्या के निदान के लिए वह कमरुद्दीन के पास गई थी, जहां उसने अपने चादर से धनवर्षा करके लक्ष्मी को दिखाया था, उसने कहा था कि दो लाख के वह करोड़ बना सकता है।
कैसे पुलिस के हत्थे चढ़ा आरोपी तात्रिक
नरेश ने यह बात रणधीर को बताई, जिसके साथ वह कई सालों से काम कर रहा था। इसके बाद रणधीर भी लालच में आ गया। घटना के दिन कमरुद्दीन ने ही उन्हें शराब और दो लाख लेकर लोनी अपने घर बुलाया था, साथ ही हिदायत दी थी कि वे इसकी चर्चा अपने नजदीकी से भी न करें।
लेकिन तीनों उसके घर पहुंचे तो कमरुद्दीन ने बहाना बना दिया कि आज नहीं हो सकता और साथ हो लिया। रास्ते में जहरीले लड्डू खिलाकर उनके रुपये लूटकर फरार हो गया।
पुलिस की जांच में आरोपी तांत्रिक सीसीटीवी फुटेज में नजर आ गया। इसके बाद पुलिस ने आरोपी तांत्रिक को पकड़ लिया और उससे पूछताछ की तो पूरा राज खुल गया।
पूछताछ में आरोपी ने बताया कि उसने जानबूझकर दोनों के पर्स में रखे रुपये, मोबाइल और महिला के गहनों को हाथ नहीं लगाया था। ताकि लोगों को लूट का संदेह न हो। साथ ही उसने कार से चौथा ग्लास भी अपने साथ ले गया था, जिसमें उसने शराब पी थी, ताकि यह लगे कि कार में सिर्फ वे तीन ही थे।
पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि आखिर क्या इस आरोपी ने दिल्ली या आसपास के राज्यों में भी इसी तरह की अन्य वारदातों को अंजाम दिया है।