तालिबान शासित अफगानिस्तान और पाकिस्तान के बीच भले ही बुधवार को 48 घंटे के लिए सीजफायर पर सहमति बन गई हो, लेकिन दोनों देशों में हालात पूरी तरह से सुधरे नहीं हैं।
दोनों देशों में आज फिर से हिंसक संघर्ष देखने को मिला, जिसमें दोनों देशों के लोगों की जान गई। इस बीच, तालिबान के मंत्री ने चीन के राजदूत से मुलाकात की।
अफगानिस्तान के उप विदेश मंत्री नईम वरदाक ने काबुल में चीन के राजदूत झाओ जिंग के साथ बैठक के दौरान अफगानिस्तान में पाकिस्तान की हालिया एयर स्ट्राइक्स को कायरतापूर्ण और क्रूर बताया। साथ ही, उन्होंने दो टूक कहा कि हमने इन हमलों पर उचित प्रतिक्रिया दी है।
वरदाक ने कहा कि इन पाकिस्तान ने इन हमलों के जरिए सभी मानवीय, इस्लामी और पड़ोसी सिद्धांतों का उल्लंघन किया है।
अफगानिस्तान के विदेश मंत्रालय ने बैठक के बाद जारी एक बयान में कहा कि वरदाक ने इस्लामाबाद के साथ शांति का आग्रह किया और इस बात पर जोर दिया कि युद्ध कोई समाधान नहीं है।
उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि तालिबान प्रशासन सभी पड़ोसी देशों के साथ अच्छे और सकारात्मक संबंध चाहता है।
चीनी राजदूत की यात्रा का उद्देश्य कथित तौर पर दोनों पक्षों के बीच तनाव कम करना और क्षेत्र में चीनी कामगारों की सुरक्षा सुनिश्चित करना था।
उन्होंने दोनों पक्षों (अफगानिस्तान और पाकिस्तान) से बातचीत के माध्यम से अपने मतभेदों को सुलझाने का आग्रह किया और क्षेत्रीय स्थिरता के महत्व पर जोर दिया। इस पर वरदाक ने दोहराया कि तालिबान शांतिपूर्ण बातचीत के लिए प्रतिबद्ध है।
साथ ही उप विदेश मंत्री ने यह चेतावनी भी दि कि अगर कोई अफगानिस्तान के अधिकारों और मूल्यों का उल्लंघन करता है तो देश उनकी रक्षा करना अपना वैध अधिकार समझता है, और ऐसा सम्मान के साथ करेगा।
कंधार प्रांत के शोराबक जिले में 14 अक्टूबर की रात तालिबान सैनिकों और पाकिस्तान रेंजर्स के बीच भीषण झड़प हुई थी। दोनों पक्षों ने हालांकि इस झड़प पर कोई टिप्पणी नहीं की थी।