मार्च के महीने में दलाल स्ट्रीट (शेयर बाजार) पर मचे हाहाकार और भारी बिकवाली के बाद, अप्रैल में बुल्स (तेजड़ियों) ने अब तक शानदार वापसी की है। हालांकि, बीच-बीच में बियर्स (मंदड़िए) भी बाजार पर हावी होने की कोशिश करते नजर आए हैं। इस तेज उतार-चढ़ाव के बाद विश्लेषक इस बात पर बहस कर रहे हैं कि क्या सेंसेक्स और निफ्टी भारी करेक्शन के बाद अपने ‘फेयर वैल्युएशन’ (उचित मूल्यांकन) पर आ गए हैं या नहीं।
इन सबके बीच, निवेशकों का ध्यान रिन्यूएबल एनर्जी सेक्टर के दो प्रमुख शेयरों- सुजलॉन एनर्जी (Suzlon Energy) और वारी एनर्जीज (Waaree Energies) पर केंद्रित हो गया है। आइए इन दोनों कंपनियों के प्रदर्शन और कमाई के आंकड़ों पर एक नजर डालते हैं।
सुजलॉन एनर्जी: क्या 846% रिटर्न देने वाले शेयर में अभी भी है दम?
मार्च के महीने में सुजलॉन एनर्जी के शेयरों में 7% की गिरावट दर्ज की गई थी, लेकिन अप्रैल में अब तक इस शेयर ने जोरदार वापसी करते हुए लगभग 12% की छलांग लगाई है। जागरण बिजनेस की टीम ने सुजलॉन शेयर पर एक्सपर्ट से बात की है। विजयलक्ष्मी अंबाला (वीएलए अंबाला) SEBI रिसर्च एनालिस्ट ने इस पर 60 रुपये का टारगेट दिया है।
सुजलॉन एनर्जी के शेयरों का प्रदर्शन
- 2026 में अब तक: 16% की गिरावट
- पिछले 3 साल में: 443% का बंपर रिटर्न
- पिछले 5 साल में: 846% का छप्परफाड़ रिटर्न
- वर्तमान में कंपनी का मार्केट कैप (बाजार पूंजीकरण) लगभग 60,728 करोड़ रुपये है और इसके शेयर का P/E (प्राइस-टू-अर्निंग) रेशियो करीब 19 पर है।
वारी एनर्जीज: क्या सुस्त शुरुआत के बाद तेज होगी रफ्तार?
सुजलॉन के मुकाबले वारी एनर्जीज के शेयरों की रिकवरी थोड़ी धीमी रही है। मार्च में कंपनी के शेयरों में लगभग 15% की बड़ी गिरावट आई थी, और अप्रैल में अब तक इसमें केवल 4% की ही बढ़त देखी गई है।
वारी एनर्जीज के शेयरों का प्रदर्शन
- 2026 में अब तक: 10% की बढ़त
- पिछले 1 साल में: 51% का मुनाफा
वारी एनर्जीज का मार्केट कैप फिलहाल 93,310 करोड़ रुपये से अधिक है और इसका P/E रेशियो 26 के स्तर पर बना हुआ है।
कमाई के मामले में कौन है आगे? क्या कहते हैं अनुमान?
शेयरों की कीमत के पीछे सबसे बड़ी ताकत कंपनी की कमाई होती है। इस मोर्चे पर सुजलॉन एनर्जी के आंकड़े निवेशकों का ध्यान खींच रहे हैं। सुजलॉन एनर्जी ने फरवरी में जारी अपनी दिसंबर तिमाही के नतीजों में शानदार प्रदर्शन किया था।
सालाना आधार पर 15% बढ़कर 445 करोड़ रुपये हो गया (पिछले साल इसी अवधि में यह 386 करोड़ रुपये था)। ऑपरेशंस से होने वाला रेवेन्यू सालाना आधार पर 42% बढ़कर 4,228 करोड़ रुपये तक पहुंच गया (पिछले साल यह 2,969 करोड़ रुपये था)।
प्रमुख ब्रोकरेज फर्म JM Financial को उम्मीद है कि सुजलॉन एनर्जी के जनवरी-मार्च तिमाही के नतीजे भी काफी मजबूत रहेंगे। सालाना आधार पर 51% के उछाल के साथ 5,708 करोड़ रुपये रहने का अनुमान है।
EBITDA में 54% की बढ़ोतरी के साथ 1,068 करोड़ रुपये होने की उम्मीद है। नेट इनकम सालाना आधार पर 53% उछलकर 888.8 करोड़ रुपये तक पहुंच सकती है।
बाजार की रिकवरी के बीच सुजलॉन एनर्जी जहां अपने मजबूत नतीजों और शानदार अनुमानों के दम पर रफ्तार पकड़ रही है, वहीं वारी एनर्जीज एक बड़े मार्केट कैप के साथ बाजार में अपनी स्थिति मजबूत बनाए हुए है।
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