ईरान के साथ जारी युद्ध के 15वें दिन अमेरिका के राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप ने दुनिया के कई देशों से अपील की है कि वे अपने युद्धपोत भेजकर स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज को सुरक्षित बनाने में मदद करें।
ट्रंप ने कहा कि ईरान द्वारा इस अहम समुद्री रास्ते को बंद करने की कोशिश के कारण कई देश प्रभावित हो रहे हैं, इसलिए उन्हें अमेरिका के साथ मिलकर इस मार्ग को खुला और सुरक्षित रखना चाहिए। उन्होंने कहा कि अमेरिकी नौसेना जल्द ही इस समुद्री रास्ते से गुजरने वाले तेल टैंकरों को सुरक्षा देने का काम शुरू करेगी।
दुनिया से युद्धपोत भेजने की अपील
ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर लिखा कि कई देश, खासकर वे जो स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज के बंद होने से प्रभावित हैं, अमेरिका के साथ मिलकर अपने युद्धपोत इस क्षेत्र में भेजेंगे। उन्होंने कहा कि इससे यह समुद्री मार्ग खुला और सुरक्षित बना रहेगा।
ट्रंप ने यह भी दावा किया कि ईरान की सैन्य क्षमता पूरी तरह नष्ट हो चुकी है, लेकिन इसके बावजूद वह इस जलमार्ग में ड्रोन भेजकर, समुद्री बारूदी सुरंगें बिछाकर या छोटी दूरी की मिसाइल से हमला कर सकता है।
इन देशों से मांगा सहयोग
ट्रंप ने कहा कि चीन, फ्रांस, जापान, साउथ कोरिया और यूनाइटेड किंगडम जैसे देशों को भी इस क्षेत्र में अपने जहाज भेजने चाहिए। उनके अनुसार इन देशों की अर्थव्यवस्था भी इस समुद्री मार्ग से गुजरने वाले तेल और गैस व्यापार पर निर्भर है। ट्रंप ने कहा कि अगर सभी देश मिलकर कार्रवाई करें तो स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज किसी एक देश के लिए खतरे का कारण नहीं बनेगा।
इससे पहले शुक्रवार को ट्रंप ने कहा था कि अमेरिकी सेना ने ईरान के खार्ग द्वीप पर मौजूद सैन्य ठिकानों को पूरी तरह नष्ट कर दिया है। खार्ग द्वीप ईरान के तेल निर्यात का सबसे बड़ा केंद्र है और यहीं से देश के अधिकांश कच्चे तेल का निर्यात होता है। ट्रंप ने चेतावनी दी थी कि अगर ईरान स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज में जहाजों की आवाजाही में बाधा डालता रहा तो उसके तेल ढांचे को भी निशाना बनाया जा सकता है।
दुनिया का अहम समुद्री रास्ता
रिपोर्टों के अनुसार ईरान ने लगभग 1 मार्च के आसपास स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज को प्रभावी रूप से बंद कर दिया था। यह दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण ऊर्जा मार्गों में से एक है, जहां से रोजाना लगभग 2 करोड़ बैरल तेल और वैश्विक तरलीकृत प्राकृतिक गैस के करीब 20 प्रतिशत व्यापार गुजरता है। इस मार्ग में रुकावट आने से वैश्विक ऊर्जा बाजार पर भी बड़ा असर पड़ता है।
इसी बीच ईरान के नए सर्वोच्च नेता मोजतबा खामेनेई ने कहा कि स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज को अमेरिका के खिलाफ दबाव बनाने के लिए बंद रखा जाना चाहिए। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर क्षेत्र में अमेरिकी सैन्य ठिकाने सक्रिय रहे तो उन पर हमले हो सकते हैं।
उनका यह संदेश गुरुवार को सरकारी टीवी पर एक समाचार एंकर द्वारा पढ़कर सुनाया गया, जबकि वह खुद कैमरे पर नजर नहीं आए। उन्होंने यह भी कहा कि अमेरिका द्वारा क्षेत्र में शांति और सुरक्षा स्थापित करने का दावा गलत साबित हुआ है।