यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोडिमिर जेलेंस्की ने रविवार को कहा कि वह अपने देश को उत्तर अटलांटिक संधि संगठन(NATO) की सदस्यता के बदले राष्ट्रपति पद से इस्तीफा देने के लिए तैयार हैं।
जेलेंस्की का यह बयान युद्धविराम औऱ शांति के लिहाज से अहम है।
दरअसल रूस का कहना है कि अगर यूक्रेन शांति चाहता है तो उसे नाटो में शामिल होने की इच्छा छोड़नी पड़ेगी। वहीं यूक्रेनी राष्ट्रपति नाटो की सदस्यता के बदले पद भी छोड़ने को तैयार हैं।
मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक श्री जेलेंस्की ने कहा है कि वह लंबे समय तक राष्ट्रपति बने रहने की इच्छा नहीं रखते हैं और उनके देश को नाटो से जोड़ लिया जाता है तो वह तत्काल अपना पद छोड् देंगे।
उन्होंने जोर दिया कि उनके इस कदम से यूक्रेन में शांति बहाल होती है तो वह ऐसा करने से गुरेज नहीं करेंगे। ब
ता दें कि डोनाल्ड ट्रंप के राष्ट्रपति बनने के बाद जेलेंस्की अमेरिकी की भूमिका लेकर काफी चिंतत हैं। उन्होंने कहा है कि डोनाल्ड ट्रंप रूस का साथ दे रहे हैं।
वहीं ट्रंप ने शर्त रखी है कि वह यूक्रेन की मदद तभी करेंगे जब वह अपनी खनिज संपदा पर अमेरिका को अधिकार देगा।
इसी बीच मेरिका ने यूक्रेन पर दबाव डाला है कि वह संयुक्त राष्ट्र में पेश यूरोपीय देशों के समर्थन वाले अपने उस प्रस्ताव को वापस ले जिसमें यूक्रेन से रूसी सेना को तत्काल वापस बुलाने की मांग की गई है।
एक अमेरिकी अधिकारी और एक राजनयिक ने रविवार को यह जानकारी दी। दो राजनयिकों ने बताया कि यूक्रेन ने अपने मसौदा प्रस्ताव को वापस लेने से इनकार कर दिया है और संयुक्त राष्ट्र महासभा इस पर सोमवार को मतदान करेगी।
राजनयिकों और अमेरिकी अधिकारी के अनुसार इसके बाद 193 देशों वाली महासभा में अमेरिकी मसौदा प्रस्ताव पर मतदान किए जाने की संभावना है।
अधिकारी ने नाम गोपनीय रखने की शर्त पर यह जानकारी दी। अमेरिकी मसौदा प्रस्ताव में ‘रूस-यूक्रेन संघर्ष के दौरान हुई दुखद जनहानि को स्वीकार किया गया है और संघर्ष को शीघ्र समाप्त करने की अपील की गई है तथा यूक्रेन और रूस के बीच स्थायी शांति की अपील की गई है’ लेकिन इसमें रूस के आक्रमण का कभी उल्लेख नहीं है।
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का प्रशासन संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में भी अपने प्रस्ताव पर मतदान की मांग कर रहा है। सुरक्षा परिषद में यूक्रेन के संबंध में सोमवार दोपहर को बैठक होनी है। (एजेंसियों से इनपुट्स के साथ)