रूस के दूरदराज इलाके कामचटका प्रायद्वीप में सर्दियों के तूफान के बाद रिकॉर्ड स्तर की बर्फबारी हुई है।
वहां के कई स्थानीय लोग इसे “बर्फ की प्रलय” कह रहे हैं। इस बर्फबारी में दो लोगों की मौत भी हो गई है।
सड़कें, कारें और पूरे मोहल्ले इतनी गहरी बर्फ की चादर के नीचे दब गए हैं कि कुछ इलाकों में बर्फ बहुमंजिला इमारतों की ऊंचाई तक पहुंच गई है, जिससे शहर लगभग पहचानने लायक नहीं रहे और सफेद नजारों में बदल गए हैं।
60 साल के दो लोगों की मौत
स्थानीय इमरजेंसी मिनिस्ट्री ने बताया कि रूस के कामचटका प्रायद्वीप में दशकों की सबसे भारी बर्फबारी के बाद छतों से गिरी बर्फ के नीचे दबकर 60 साल के दो लोगों की मौत हो गई।
रूस की नेशनल वेदर सर्विस के मुताबिक, कामचटका में पिछले कुछ दिनों में जितनी बर्फ गिरी है वह 30 से ज्यादा सालों में सबसे ज्यादा थी और बर्फ की ऊंचाई चार मीटर (13 फीट) तक पहुंच गई थी।
1970 में देखी गई थी इतनी बर्फबारी
मौसम एजेंसियों का कहना है कि यह बर्फीला तूफान दशकों में सबसे भारी तूफानों में से एक है, कई जिलों में बर्फ की गहराई दो मीटर से ज्यादा हो गई है। इतनी बर्फ 1970 के दशक की शुरुआत से नहीं देखी गई थी और कई दिनों तक लगातार बर्फबारी होती रही।