दक्षिण 24 परगना जिले के डायमंड हार्बर में एक युवक मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआइआर) की सुनवाई के दौरान अपनी नागरिकता और पहचान साबित करने के लिए तीसरी बार सुनवाई केंद्र पहुंचा।
इस बार वह खाली हाथ नहीं था। युवक दाइयान अपने सिर पर लोहे का एक पुराना जंग लगा ट्रंक रखकर लाया, जिसमें उसके पूर्वजों के तमाम दस्तावेजों के साथ-साथ उसके दादा की जहां मौत हुई थी वहां की मिट्टी और उनका पुराना रुमाल भी था।
सविसा ग्राम पंचायत के निवासी दाइयान का दावा है कि वह पहले ही दो बार दस्तावेज जमा कर चुका है, लेकिन उसे बार-बार बुलाया जा रहा है।
प्रशासनिक अधिकारियों के सामने चिल्लाते हुए उसने कहा कि अगर इन कागजों से यकीन नहीं होता, तो मेरे दादा की कब्र की मिट्टी का डीएनए टेस्ट करा लो, ताकि पता चल सके कि मैं इसी मिट्टी का बेटा हूं।
दाइयान ने भावुक होकर बताया कि वह अपने माता-पिता की पांच संतानों में से एक है फिर भी उसकी पहचान पर सवाल उठाए जा रहे हैं। उसकी इस हरकत से ब्लाक कार्यालय में हड़कंप मच गया।
दाइयान का कहना है कि बार-बार की पूछताछ ने उसे मानसिक रूप से तोड़ दिया है, इसलिए वह अपने पूर्वजों की आखिरी निशानियां तक उठा लाया। फिलहाल मामले पर प्रशासन की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है।