प्रियंका प्रसाद (ज्योतिष सलाहकार): केवल व्हाट्सएप मेसेज 94064 20131
शीतला सप्तमी का त्योहार माता शीतला को समर्पित है। यह होली के बाद चैत्र मास के कृष्ण पक्ष की सप्तमी तिथि को मनाया जाता है।
यानी होली के बाद सातवें दिन शीतला सप्तमी मनाई जाती है। यह पर्व गुजरात, राजस्थान, यूपी व एमपी में लोकप्रिय है। शीतला सप्तमी के दिन माता शीतला को बासी भोजन का भोग लगाया जाता है और उनकी विधिवत पूजा की जाती है।
कुछ जगहों पर शीतला अष्टमी पर मां शीतला को बासी भोजन का भोग लगाकर बसौड़ा मनाते है। जानें मार्च में शीतला सप्तमी कब है, महत्व व पूजन मुहूर्त-
शीतला सप्तमी कब है: हिंदू पंचांग के अनुसार, सप्तमी तिथि 21 मार्च को सुबह 02 बजकर 45 मिनट पर प्रारंभ होगी और 22 मार्च 2025 को सुबह 04 बजकर 23 मिनट पर सप्तमी तिथि समाप्त होगी। उदया तिथि में शीतला सप्तमी व्रत 21 मार्च 2025, शुक्रवार को रखा जाएगा।
शीतला सप्तमी का महत्व- मान्यता है कि इस दिन माता शीतला की विधिवत पूजा करने से वे अपने भक्तों की चेचक, खसरा आदि कई रोगों से रक्षा करती हैं।
शीतला सप्तमी पूजन मुहूर्त- शीतला सप्तमी पर पूजन का शुभ मुहू्र्त 21 मार्च 2025, शुक्रवार को सुबह 06 बजकर 24 मिनट से शाम 06 बजकर 33 मिनट तक रहेगा। पूजन की कुल अवधि 12 घंटे 09 मिनट की रहेगी।
शीतला सप्तमी पूजन के शुभ चौघड़िया मुहूर्त-
चर – सामान्य: 06:24 ए एम से 07:55 ए एम
लाभ – उन्नति: 07:55 ए एम से 09:26 ए एम
अमृत – सर्वोत्तम: 09:26 ए एम से 10:57 ए एम
शुभ – उत्तम: 12:28 पी एम से 02:00 पी एम
शीतला अष्टमी कब है: शीतला सप्तमी के ठीक अगले दिन शीतला अष्टमी मनाई जाती है। इस साल शीतला अष्टमी 22 मार्च 2025, शनिवार को है।