ऑपरेशन सिंदूर के बाद ट्रंप की गुड बुक्स में आने की कोशिश कर रहे पाकिस्तानी प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने एक बार फिर से ट्रंप की तारीफ की है।
पाक पीएम ने थाईलैंड और कंबोडिया के बीच कराए गए सीजफायर में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने के लिए अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप की सोशल मीडिया पर सराहना की।
शहबाज के इस पोस्ट पर संयुक्त राज्य अमेरिका में पाकिस्तान के पूर्व राजदूत हुसैन हक्कानी ने तीखा कटाक्ष किया है।
शरीफ ने अपने पोस्ट में लिखा, “थाईलैंड और कंबोडिया के बीच केएस समझौते, गाजा शांति प्लान के माध्यम शांति को आगे बढ़ाने में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका और मध्य पूर्व तथा दक्षिण एशिया में शांति और स्थिरता के लिए उनके दृढ़ प्रयासों के लिए राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की मैं तहे दिल से सराहना करता हूँ, जिससे दुनिया भर में लाखों लोगों की जान बच रही है।”
शहबाज के पोस्ट को रिशेयर करते हुए हक्कानी ने कहा कि पाकिस्तानी प्रधानमंत्री अभी भी उस मामले में आगे चल रहे हैं जिसे भारतीय अमेरिकी पत्रकार फरीद जकारिया ने “ट्रंप की चापलूसी का ओलंपिक खेल” बताया था। उनके पोस्ट को कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने भी रीपोस्ट किया।
हाल के दिनों में पाकिस्तानी प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ कई मौकों पर ट्रंप की तारीफ करते हुए नजर आए हैं। मिस्त्र में हुए गाजा शिखर शांति सम्मेलन में अमेरिकी राष्ट्रपति की तारीफ करते हुए शहबाज शरीफ ने उन्हें शांति पुरुष बताया था। साथ ही, इस बात पर जोर दिया था कि पाकिस्तान ने ट्रंप को नोबेल शांति पुरस्कार के लिए नामांकित किया है।
शहबाज शरीफ के तारीफ करने से ट्रंप भी काफी खुश नजर आए थे। मिस्त्र में उन्होंने पाकिस्तानी पीएम के भाषण खत्म करने के बाद मजाक में कहा था कि अब यह ऐसा है कि हम घर जा सकते हैं।
हालांकि सोशल मीडिया यूजर्स ने पाकिस्तानी पीएम की इस चापलूसी का भरपूर मजाक उड़ाया था। कई यूजर्स ने शरीफ के भाषण की आलोचना करते हुए कहा था कि अमेरिकी राष्ट्रपति कि अति से ज्यादा तारीफ करके शहबाज शरीफ ने पाकिस्तान का मजाक उड़ाया है। वहीं एक यूजर ने कहा था कि अगर ट्रंप की तारीफ करने का कोई ओलंपिक होता तो पाकिस्तान पीएम उसमें प्रथम आते।
आपको बता दें, ऑपरेशन सिंदूर में भारत और पाकिस्तान के बीच सीजफायर का दावा करने वाले ट्रंप के बयान का पाकिस्तान ने खुले तौर पर स्वागत किया था।
क्योंकि ट्रंप का यह बयान पाकिस्तान के मन मुताबिक था। वहीं दूसरी तरफ से ट्रंप के बयान का भारत ने खुले तौर पर विरोध किया था और उसे सिरे से खारिज कर दिया था। इसके बाद से ही शहबाज शरीप ट्रंप की लगातार तारीफ करते हुए नजर आते हैं।