प्रवीण नांगिया (ज्योतिष सलाहकार):
प्रत्येक मास के कृष्ण पक्ष व शुक्ल पक्ष की 12 तिथियां ऐसी होती हैं जब भगवान शिव माता पार्वती के साथ होते हैं।
इन तिथियों में रुद्राभिषेक करने से सुख-समृद्धि का विशेष फल प्राप्त होता है। 11 जुलाई से शुरू हो रहे सावन मास के पहले दिन प्रतिपदा तिथि सूर्योदय से लेकर रात 1:59 बजे तक रहेगी।
उत्थान ज्योतिष संस्थान के निदेशक ज्योतिर्विद पं. दिवाकर त्रिपाठी पूर्वांचली ने बताया कि इस मास में कृष्ण पक्ष की प्रतिपदा, चतुर्थी, पंचमी, अष्टमी, एकादशी, द्वादशी व अमावस्या और शुक्ल पक्ष की द्वितीया, पंचमी, षष्ठी, नवमी, द्वादशी व त्रयोदशी तिथियों में अभिषेक करने से संतान प्राप्ति, ऐश्वर्य व अभीष्ट सिद्धि की प्राप्ति होती है।
रुद्राभिषेक के लिए सावन कृष्ण पक्ष की तिथियां-
● चतुर्थी व पंचमी 14 जुलाई सोमवार को सूर्योदय से लेकर 15 जुलाई की रात 9:58 बजे तक रहेगी।
● अष्टमी तिथि 17 जुलाई को शाम 5:47 बजे से लेकर 18 जुलाई को दोपहर 3:36 बजे तक रहेगी।
● एकादशी 20 जुलाई को सुबह 10:29 बजे से 21 जुलाई को सुबह 8:04 बजे तक है।
● अमावस्या 24 जुलाई को सूर्योदय से लेकर रात में 12:36 बजे तक रहेगी।
रुद्राभिषेक के लिए सावन शुक्ल पक्ष की तिथियां-
● द्वितीया तिथि 26 जुलाई को सूर्योदय से लेकर रात में 11:08 बजे तक।
● पंचमी व षष्ठी तिथि 29 जुलाई को सूर्योदय से लेकर 30 जुलाई को रात 2:10 बजे तक।
● नवमी तिथि दो अगस्त को सुबह 5:57 बजे से लेकर तीन अगस्त को सुबह 8:05 बजे तक।
● द्वादशी व त्रयोदशी पांच अगस्त को सुबह 11:29 बजे से सात अगस्त को दोपहर 1:26 बजे तक।