राजस्थान की विधायक रितु बनावत नेपाल-चीन सीमा पर फंसीं…

राजस्थान की बयाना विधायक ऋतु बनावत इन दिनों चीन-नेपाल बॉर्डर पर फंसी हुई हैं।

वे अपने पति के साथ कैलाश मानसरोवर यात्रा पर गई थीं। लौटते समय नेपाल में अचानक बिगड़े हालात और हिंसा को देखते हुए उनके दल को चीन बॉर्डर के पुरांग गांव में रोक दिया गया है।

ऋतु बनावत ने एक वीडियो संदेश जारी कर बताया कि मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा और केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने उनसे बात कर उनकी सुरक्षा का भरोसा दिलाया है।

उन्होंने कहा कि यदि हालात सामान्य रहे तो गुरुवार को काठमांडू के रास्ते भारत लौटेंगी। उनके साथ करीब 98 लोगों का दल है, जो 3 से 11 सितंबर तक यात्रा पर गया था।

वहीं बाड़मेर के कारोबारी पंकज चितारा और जयपुर के चाकसू क्षेत्र के कई यात्री भी काठमांडू में फंसे हुए हैं। कारोबारी चितारा ने वीडियो कॉल के जरिए वहां के हालात की जानकारी दी।

उन्होंने कहा कि कैलाश मानसरोवर यात्रा पूरी करने के बाद सभी लोग भारत लौटने की तैयारी कर रहे थे, तभी काठमांडू में धमाकों की आवाजें सुनाई दीं।

एयरपोर्ट पहुंचने पर इमिग्रेशन प्रक्रिया पूरी हो चुकी थी, लेकिन अचानक फ्लाइट रद्द कर दी गई। उसके बाद यात्रियों को कहा गया कि एयरपोर्ट खाली कर दें। चितारा ने बताया कि चारों ओर आगजनी और दहशत का माहौल है। सेना लगातार फ्लैग मार्च कर रही है और उपद्रवियों को देखते ही गोली मारने के आदेश जारी हैं।

चितारा ने बताया कि वे सुंदरा इलाके के एक होटल में रुके हुए हैं। नेटवर्क की दिक्कत के कारण बाहर जाकर ही परिजनों से संपर्क कर पा रहे हैं।

उन्होंने कहा कि टूरिस्ट दहशत में हैं और लूटपाट की आशंका बनी हुई है। एयरपोर्ट पर सुरक्षित महसूस हो रहा था, लेकिन अब वहां से भी निकाल दिया गया।

चितारा ने कहा कि नेपाल में तख्तापलट की खबरें भी मिल रही हैं। इंडियन एम्बेसी से यही गाइडलाइन आई है कि जहां हो वहीं रुके रहो। हालांकि, अब तक कोई आधिकारिक संपर्क सरकार से नहीं हुआ है। उन्होंने भारत सरकार से जल्द सुरक्षित वापसी की अपील की।

जयपुर जिले के चाकसू क्षेत्र के तितरिया गांव के करीब 30 यात्री भी काठमांडू एयरपोर्ट पर फंसे हैं। सभी यात्री राधारानी टूर कंपनी की बसों से 28 अगस्त को तीन धाम की धार्मिक यात्रा पर निकले थे।

पशुपतिनाथ मंदिर के दर्शन करने के बाद वे 8 सितंबर को काठमांडू एयरपोर्ट पहुंचे थे। तभी फ्लाइट सेवाएं अचानक बंद कर दी गईं।

यात्रियों ने खाने-पीने की समस्या की जानकारी परिजनों को दी थी, लेकिन मंगलवार शाम के बाद से उनके मोबाइल फोन भी बंद हो गए हैं।

इनमें रामशरण बागड़ा, रामूलाल बागड़ा, रामा देवी, दुर्गा देवी, हाबू देवी, कैलाश जोशी, दामोदर जांगिड़, कैलाश जांगिड़, राजू रूंडला और कल्याण सहाय रूंडला सहित 30 लोग शामिल हैं।

उदयपुर से भी 35 पर्यटक नेपाल में फंसे हुए हैं। सांसद डॉ. मन्नालाल रावत ने विदेश मंत्री एस. जयशंकर को पत्र लिखकर सभी को सुरक्षित भारत लाने की मांग की है।

उन्होंने बताया कि विदेश मंत्रालय की ओर से कार्रवाई शुरू हो चुकी है और उम्मीद है कि सभी लोग जल्द सुरक्षित लौटेंगे।

इस बीच, उदयपुर में भाजपा नेताओं ने जिला कलेक्टर नमित मेहता को प्रधानमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा। उन्होंने कहा कि जिले से जो भी यात्री नेपाल में फंसे हुए हैं, उन्हें सकुशल वापस लाने के लिए तुरंत कदम उठाए जाएं।

राजस्थान पुलिस ने भी नेपाल में फंसे लोगों की मदद के लिए विशेष सेल बनाया है। इसके हेल्पलाइन नंबर 0141-2740832 और 0141-2741807 जारी किए गए हैं। साथ ही वॉट्सऐप नंबर 9784942702 पर भी संपर्क किया जा सकता है।

नेपाल में 8 सितंबर से हिंसात्मक आंदोलन जारी है। अब तक चार हजार से ज्यादा राजस्थानी वहां फंसे हुए हैं। इनमें 700 लोग जयपुर के और 35 उदयपुर के पर्यटक शामिल हैं।

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