रेबीज बन गया साइलेंट किलर: छत्तीसगढ़ में कुत्ते के काटने के डेढ़ महीने बाद महिला की मौत, स्वास्थ्य व्यवस्था पर सवाल उठे…

छत्तीसगढ़ में कुत्ते के काटने से जख्मी एक महिला की करीब डेढ़ माह बाद मृत्यु हो गई।

कुत्ता काटने के बाद समय पर उपचार और एंटी रैबीज का टीका नहीं लगवाने के कारण यह घटना घटी।

मृतका कमिला (34) बलरामपुर जिले की निवासी थी। पति बधेश्वर कोरवा ने बताया कि डेढ़ माह पहले वह जंगल में लकड़ी लेने गए थे, जहां कुत्ते ने उनकी पत्नी को काट लिया।

महिला ने स्थानीय उपचार कराया, लेकिन अस्पताल नहीं गई।

16 मार्च को उनकी तबीयत बिगड़ने पर स्वजन उन्हें स्वास्थ्य केंद्र ले गए, जहां से उन्हें मेडिकल कॉलेज अंबिकापुर रिफर किया गया। 18 मार्च को उनकी मृत्यु हो गई।

समय पर टीकाकरण न होने के कारण रेबीज संक्रमण को मौत का कारण माना जा रहा है।

यह एक सप्ताह में कुत्ते के काटने से होने वाली दूसरी मौत है। इससे पहले सोमवार को एक युवक की मौत हो चुकी है।

छत्तीसगढ़ में कागजों में बने 186 मकान, दो गिरफ्तार

छत्तीसगढ़ के रायपुर में 26 वर्ष पूर्व हुए गृह निर्माण ऋण गबन प्रकरण में ईओडब्ल्यू-एसीबी ने बुधवार को दो आरोपितों को गिरफ्तार किया। यह मामला वर्ष 2000 में दर्ज किया गया था।

आरोपितों ने अपनी सहकारी समिति के 186 सदस्यों के नाम पर एक-एक लाख रुपये का ऋण स्वीकृत कराया, जिससे कुल 1.86 करोड़ रुपये की राशि निकाली गई।

हालांकि, भौतिक सत्यापन में उन स्थानों पर न तो कोई मकान मिला और न ही ऋण लेने वाले हितग्राही पाए गए।

ईओडब्ल्यू की जांच में यह स्पष्ट हुआ कि वर्ष 1995 से 1998 के बीच शासन की आवासीय योजना के तहत जरूरतमंदों को मकान निर्माण के लिए ऋण दिया जाना था।

मध्य प्रदेश सहकारी आवास संघ के क्षेत्रीय कार्यालय के तत्कालीन अधिकारी दिवंगत एई ग्रेबियल द्वारा बिना उचित जांच के ऋण आवेदन स्वीकृत किए गए थे।

इस प्रकरण में चार नामजद आरोपित थे, जिनमें से दो की मृत्यु हो चुकी है। गिरफ्तार आरोपित थावरदास माधवानी और बसंत कुमार साहू को 25 मार्च तक रिमांड पर लिया गया है।

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