बिजली संशोधन बिल 2025 के विरोध में शनिवार को शहर में बिजली विभाग के कर्मचारियों ने जोरदार प्रदर्शन किया। बिजली मंत्री संजीव अरोड़ा के निवास के पास आरती चौक क्षेत्र में बड़ी संख्या में कर्मचारी, इंजीनियर और पेंशनर एकत्र हुए और धरना देकर अपनी मांगों को जोरदार तरीके से उठाया।
प्रदर्शन के दौरान बिजली कर्मियों ने संशोधन बिल को रद्द करने, पुरानी पेंशन योजना लागू करने, पावरकॉम की जमीन न बेचने तथा रोपड़ में लंबे समय से लंबित बिजली इकाइयों को तुरंत शुरू करने की मांग की।
प्रदर्शन पावर सेक्टर संयुक्त कार्रवाई समिति के आह्वान पर आयोजित किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में कर्मचारियों की भागीदारी रही।
धरने के दौरान यूनियन नेता अवतार सिंह कैथ और अन्य नेताओं ने सरकार की नीतियों की कड़ी आलोचना की। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार लगातार कर्मचारियों की जायज मांगों को नजरअंदाज कर रही है, जिससे कर्मचारियों में रोष बढ़ता जा रहा है।
बिजली विभाग राज्य की रीढ़
नेताओं ने कहा कि बिजली विभाग राज्य की रीढ़ है, लेकिन इसके बावजूद कर्मचारियों के हितों की अनदेखी की जा रही है। स्थिति को देखते हुए पुलिस प्रशासन पूरी तरह सतर्क रहा।
सुरक्षा के मद्देनजर बिजली मंत्री के गुरदेव नगर स्थित निवास की ओर जाने वाले सभी रास्तों को बैरिकेटिंग कर बंद कर दिया गया, ताकि किसी तरह की अप्रिय घटना न हो। इसके बावजूद प्रदर्शन शांतिपूर्ण तरीके से जारी रहा।
प्रदर्शनकारियों ने दी आंचोलन तेज करने की चेतावनी
प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने उनकी मांगों पर जल्द सकारात्मक निर्णय नहीं लिया तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। उन्होंने रोष मार्च निकालने की भी घोषणा की और कहा कि आने वाले दिनों में राज्यभर में प्रदर्शन किए जाएंगे।
कर्मचारियों का कहना है कि यह संघर्ष केवल उनके अधिकारों के लिए ही नहीं, बल्कि बिजली क्षेत्र के भविष्य और आम जनता के हितों की रक्षा के लिए भी है। उन्होंने सरकार से अपील की कि समय रहते उनकी मांगों पर गंभीरता से विचार किया जाए, ताकि स्थिति और न बिगड़े।