संसद में प्रस्ताव आया, अटल के नाम पर रखा जाए ग्वालियर रेलवे स्टेशन; राजनीतिक बहस तेज हुई…

मप्र में ग्वालियर रेलवे स्टेशन का नामकरण पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के नाम पर करने की मांग संसद में उठाई गई है। ग्वालियर-चंबल अंचल में नेताओं की गुटबाजी किसी से छिपी नहीं है।

केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया बनाम विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर गुट को लेकर चर्चा तो मध्य प्रदेश की राजनीति में होती रहती है। अब ग्वालियर रेलवे स्टेशन के नामकरण का विषय इसका नया केंद्र बन गया है।

नरेंद्र सिंह तोमर के करीबी और ग्वालियर से लोकसभा सदस्य भारत सिंह कुशवाह ने सदन में ग्वालियर रेलवे स्टेशन का नाम पूर्व प्रधानमंत्री स्व. अटल बिहारी वाजपेयी के नाम पर किए जाने की मांग उठाई है।

ज्योतिरादित्य सिंधिया समर्थक पूर्व केंद्रीय मंत्री स्व. माधवराव ¨सधिया के नाम पर स्टेशन का नामकरण किए जाने की मांग करते आ रहे हैं। अब लगभग 550 करोड़ रुपये की लागत से स्टेशन के पुनर्विकास व सुंदरीकरण का कार्य पूरा होने जा रहा है, तो नाम को लेकर दोनों खेमों में सक्रियता बढ़ गई है।

दरअसल, ज्योतिरादित्य सिंधिया और नरेंद्र सिंह तोमर भले ही एक पार्टी में हैं पर अंचल की राजनीति में दो ध्रुव हैं। सामाजिक, राजनीतिक आयोजनों में यह स्पष्ट दिखता है। सड़क परियोजनाएं हों या ग्वालियर के विकास कार्य, इनके निरीक्षण, स्वीकृति, श्रेय, आभार को लेकर अलग-अलग रुख सामने आता रहा है। सिंधिया व तोमर गुट कई बार कार्यक्रमों में भी मंच साझा नहीं करते हैं।

जनभावना के नाम पर अटलजी का नाम आगे किया
लोकसभा सदस्य भारत सिंह कुशवाह ने जब यह मांग रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव से की तो उनके इस प्रस्ताव को लेकर लोकसभा में तालियां भी बजी। उन्होंने इसे जनभावना बताया। इसके बाद इंटरनेट मीडिया पर स्व. माधव राव सिंधिया का नाम खुलकर उठाया जाने लगा।

तर्क दिया गया कि उन्होंने भी ग्वालियर के विकास के लिए काफी काम किया है। बता दें, ग्वालियर में अटल और माधवराव सिंधिया दोनों के ही नाम से कई संस्थानों के नामकरण पहले से है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *