पंचायती राज विभाग ने पंचायत चुनाव से जुड़े नियमों में संशोधन का प्रस्ताव जारी किया है। इसके तहत जिला परिषद और ब्लॉक समिति के अध्यक्ष व उपाध्यक्ष के चयन के लिए होने वाली बैठक को जिला उपायुक्त कभी भी बुला सकेंगे।
इस संबंध में अधिसूचना जारी कर सरकार ने हिमाचल प्रदेश पंचायती राज (निर्वाचन) नियम, 1994 में आंशिक बदलाव के लिए प्रारूप नियम सार्वजनिक किए हैं। इसके लिए आपत्तियां और सुझाव मांगे गए हैं।
इन संशोधनों को हिमाचल प्रदेश पंचायती राज (निर्वाचन) तीसरा संशोधन नियम, 2026 नाम दिया है। अधिसूचना के अनुसार इन प्रस्तावित नियमों पर आम जनता से सात दिन के भीतर आपत्तियां और सुझाव मांगे गए हैं। इच्छुक व्यक्ति अपने सुझाव निदेशक, पंचायती राज, हिमाचल प्रदेश को एसडीए कांप्लेक्स, कसुम्पटी शिमला में निर्धारित अवधि के भीतर भेज सकते हैं।
प्राप्त सुझावों पर अंतिम निर्णय लेने से पहले राज्य सरकार विचार करेगी। प्रस्तावित संशोधनों में मुख्य रूप से शपथ ग्रहण के बाद बैठकों के आयोजन से जुड़े समय संबंधी प्रविधान में संशोधन किया है। पहले सदस्यों के शपथ के प्रतिज्ञान के बाद सात दिन की समयसीमा का उल्लेख था। अब उसी दिन और कभी भी बुलाने का प्रविधान कि है।
इसके अलावा निष्ठा की शपथ के लिए बैठक और अध्यक्ष या उपाध्यक्ष के चुनाव के लिए बैठक अलग-अलग नोटिस के माध्यम से बुलाने का प्रविधान किया है। पहली बैठक और स्थगित बैठकों से जुड़े 10 दिन की समयसीमा वाले प्रविधान को भी समाप्त करने का प्रस्ताव है।