चेन्नई पुलिस ने प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के अधिकारियों द्वारा विधायक छात्रावास पर की गई छापेमारी के आरोप में अज्ञात व्यक्तियों के खिलाफ केस दर्ज कर लिया है।
ईडी के द्वारा यह कार्रवाई तमिलनाडु सरकार में ग्रामीण विकास मंत्री आई पेरियासामी और उनके बेटे पलानी सीट से विधायक आईपी सेंथिल कुमार की संपत्तियों को लेकर की गई। इन दोनों विधायक पिता-पुत्र के खिलाफ मनी लॉन्ड्रिंग का मामला चल रहा है।
एनडीटीवी की रिपोर्ट के मुताबिक ईडी ने एक साथ तीन जगहों पर छापेमारी की थी। इसमें मंत्री का डिंडीगुल स्थित आवास, उनके बेटे का पलानी स्थित आवास और डिंडीगुल के ही शिवाजी नगर स्थित उनकी बेटी इंदरानी का घर भी शामिल था।
इस तलाशी के पहले विधायक के रसूख को देखते हुए तीनों इलाकों में अर्ध सैनिक बलों की टीमों ने सुबह घेराबंदी कर दी थी, इसके बाद टीम ने पहुंचकर घंटों तक तलाशी ली।
गौरतलब है कि जिस मामले को लेकर पेरियासामी और उनका परिवार एजेंसी के जांच के घेरे में यह मामला सुप्रीम कोर्ट में भी चल रहा है। इस पर कोर्ट 18 अगस्त को सुनवाई करेगा।
भड़की डीएमके
तमिलनाडु में सत्तारुढ़ डीएमके ने पेरियास्वामी परिवार के खिलाफ हो रही जांच को कांग्रेस नेता राहुल गांधी के कथित वोट चोरी अभियान से ध्यान भटकाने की योजना बताया। पीटीआई के मुताबिक डीएमके प्रवक्ता ने कहा कि न तो पार्टी ईडी से डरेगी और न ही मोदी से।”
पार्टी द्वारा जारी बयान में भारती ने कहा कि भाजपा केंद्रीय एजेंसियों का प्रयोग चुनावी उपकरण के रूप में कर रही है। वह लगातार विपक्षी पार्टियों पर मनी लॉन्ड्रिंग का आरोप लगातार वोट चोरी की राजनीति कर रही है।
उन्होंने कहा, “चुनाव आयोग का इस्तेमाल करके चुनावी धोखाधड़ी में लिप्त होने के लिए भाजपा बेनकाब हो गई है। देश इससे स्तब्ध है।
अवैध वोट चोरी से ध्यान हटाने के लिए, ईडी पेरियासामी से जुड़े परिसरों की तलाशी ले रहा है।
आपको बता दें ईडी और भाजपा विरोधी राज्य सरकारों की लड़ाई नई नहीं है। पश्चिम बंगाल की ममता सरकार भी लगातार ईडी अधिकारियों को निशाना बनाती रहती है।
ममता का आरोप है कि भारतीय जनता पार्टी ईडी का इस्तेमाल अपने निजी फायदे के लिए करती है।