असम में पीएम मोदी ने गरजे: हमने शांति कायम की, कांग्रेस ने निजी स्वार्थ के लिए समझौते किए…

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने शुक्रवार को कहा कि पूर्वोत्तर में बमों और गोलियों की आवाजें अब अतीत की बात हो गई हैं और यह क्षेत्र शांति एवं विकास के रास्ते पर आगे बढ़ रहा है।

उन्होंने कहा कि भाजपा ने इस क्षेत्र में स्थायी शांति सुनिश्चित की है और बोडोलैंड का विकास सुनिश्चित किया। जबकि कांग्रेस ने अपने कार्यकाल के दौरान सिर्फ दिखावे और अपने स्वार्थी हितों के लिए शांति समझौते किए थे।

दो दिवसीय असम यात्रा में वर्षा से कार्यक्रम बाधित होने के बाद गुवाहाटी से कोकराझार जिले में वर्चुअली एक जनसभा को संबोधित करते हुए मोदी ने कहा कि डबल-इंजन सरकार के तहत राज्य शांति और विकास का एक नया अध्याय लिख रहा है।

उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस ने मूल निवासियों की जमीनें घुसपैठियों को सौंपकर राष्ट्रीय सुरक्षा को खतरे में डाल दिया था। आने वाले चुनावों में कांग्रेस को सजा देकर स्पष्ट संदेश दें कि इस देश में घुसपैठियों के लिए कोई जगह नहीं है।

गौरतलब है कि 126 सदस्यीय असम विधानसभा के चुनाव अप्रैल में होने की संभावना है। मोदी ने आरोप लगाया कि कांग्रेस हमेशा घुसपैठियों के साथ मिलीभगत करती रही और उसने कभी भी राज्य के मूल निवासियों को जमीनों के कानूनी अधिकार नहीं दिए।

कांग्रेस ने आदिवासियों की जमीनें घुसपैठियों को सौंप दी थीं और धुबरी व गोलपारा जैसे जिलों में स्थिति बहुत खराब थी, जिसका असर कोकराझार की जनसांख्यिकी पर भी पड़ा।

उन्हें खुशी है कि मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा अतिक्रमण हटाने का एक बड़ा अभियान चला रहे हैं और भाजपा सरकार ने मूल निवासियों को उनके अधिकार सौंप दिए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि कोकराझार ने दशकों तक कांग्रेस का विश्वासघात झेला है, क्योंकि कांग्रेस ने झूठे वादे किए थे।

राहुल गांधी के नारे ‘मोहब्बत की दुकान’ का जिक्र करते हुए प्रधानमंत्री ने दावा किया, कांग्रेस तो झूठे वादों की दुकान है और एक झूठ के साथ वह चार और सुपर झूठ मुफ्त में देती है, क्योंकि उनका कोई भी वादा पूरा करने का इरादा नहीं होता।

जबकि डबल इंजन सरकार का मॉडल लोगों के सामने है, जिसमें सभी वादों को पूरा करने की ईमानदारी से कोशिश की जाती है। उन्होंने कहा कि भाजपा की डबल-इंजन सरकार सांस्कृतिक परंपराओं को बचाने और बोडोलैंड टेरिटोरियल रीजन के तेजी से विकास के लिए पूरी तरह समर्पित है।

पीएम-किसान की 22वीं किस्त जारी की

प्रधानमंत्री ने शुक्रवार को देशभर के 9.3 करोड़ से अधिक किसानों के लिए पीएम-किसान योजना की 22वीं किस्त जारी की। इसके तहत पात्र किसानों को दो हजार रुपये सीधे उनके खातों में प्राप्त होंगे।

साथ ही लगभग 19,680 करोड़ रुपये की परियोजनाएं देश को समर्पित कीं और उनकी आधारशिला रखी। इनमें दीमा हसाओ और पश्चिम कार्बी आंगलोंग जिलों में 2,300 करोड़ रुपये से अधिक की लागत से निर्मित कोपिली जलविद्युत परियोजना शामिल है।

प्रधानमंत्री ने आयल इंडिया लिमिटेड की नुमालीगढ़-सिलीगुड़ी उत्पाद पाइपलाइन की क्षमता विस्तार परियोजना को भी समर्पित किया। इससे नुमालीगढ़ रिफाइनरी लिमिटेड का विस्तार 30 लाख मीट्रिक टन प्रति वर्ष से बढ़ाकर 90 लाख टन प्रति वर्ष करने में सहायता मिलेगी।

उन्होंने नार्थ ईस्ट गैस ग्रिड के पहले चरण का भी उद्घाटन किया। यह एक बड़ी पाइपलाइन परियोजना है जो गुवाहाटी को नुमालीगढ़, गोहपुर और ईटानगर (अरुणाचल प्रदेश) से जोड़ती है और इसकी एक ब्रांच लाइन दीमापुर (नगालैंड) तक जाती है। साथ ही हैलाकांडी जिले के पंचग्राम में नुमालीगढ़ रिफाइनरी लिमिटेड के रेल-फेड पीओएल टर्मिनल की आधारशिला भी रखी।

अधिकारियों ने बताया कि ये परियोजनाएं पूर्वोत्तर में ऊर्जा ढांचे को मजबूत करेंगी और राष्ट्रीय ऊर्जा सुरक्षा को बढ़ाएंगी। साथ ही तीन नई ट्रेनों की शुरुआत समेत कई रेल परियोजनाओं का उद्घाटन व शिलान्यास किया।

राज्यों के बीच कनेक्टिविटी बेहतर बनाने की परियोजना ‘असम माला 3.0’ के ‘भूमि पूजन’ में वर्चुअली हिस्सा लिया। इसके तहत 900 किलोमीटर से अधिक की सड़कों का निर्माण किया जाएगा।

चाय श्रमिकों को पट्टे देकर ऐतिहासिक अन्याय खत्म कर रहे

प्रधानमंत्री ने असम के चाय बागान श्रमिकों को रहने के लिए जमीन का अधिकार देने के उद्देश्य से 20 जिलों के 106 चाय बागान श्रमिकों को जमीन के पट्टे बांटने के पहले चरण की शुरुआत की। पहले चरण में 28,241 परिवारों को पट्टे दिए जा रहे हैं।

उन्होंने कहा कि चाय बागान श्रमिकों को जमीनों का अधिकार देकर भाजपा नेतृत्व वाली सरकार इस समुदाय के साथ हुए ऐतिहासिक अन्याय को खत्म कर रही है। कांग्रेस ने अपने कार्यकाल के दौरान चाय बागान श्रमिकों की कभी परवाह नहीं की थी।

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