पिछले साल ऑपरेशन सिंदूर के दौरान भारत ने पाकिस्तान को गहरे जख्म दिए, जिसके निशान भी मौजूद हैं। आतंकी देश अभी भी इन जख्मों पर मरहम लगा रहा है।
इसकी गवाही सैटेलाइट तस्वीरें दे रही हैं। इन तस्वीरों से पता चलता है कि भोलारी एयरबेस पर मौजूद हैंगर अब ठीक किया जा रहा है।
यह वही हैंगर है जिसे 10 मई, 2025 को भारतीय वायुसेना के हमले में पूरी तरह तबाह कर दिया गया था। यह हमला उस समय हुआ था, जब भारत और पाकिस्तान के बीच 88 घंटे तक चला सैन्य टकराव अपने सबसे खतरनाक दौर में पहुंच गया था।
सैटेलाइट तस्वीरों में कैद पाकिस्तान की तबाही
भारतीय वायुसेना का मानना है कि इसी हैंगर में पाकिस्तान का अहम एयरबोर्न अर्ली वॉर्निंग एयरक्राफ्ट मौजूद था। शायद यह SAAB 2000 ‘एरीआई’ सिस्टम वाला विमान था।
ताजा तस्वीरों में दिख रहा है कि हैंगर की हरी छत वाला बड़ा हिस्सा हटा दिया गया है। कुछ हिस्से उखड़े हुए दिख रहे हैं।
यह तैयारी या शुरुआती चरण के पुनर्निर्माण के काम का संकेत देता है और यह भारतीय वायुसेना द्वारा हमला किए गए अन्य ठिकानों पर पाकिस्तानी मरम्मत गतिविधियों के अनुरूप है।
पूरी मरम्मत में शायद नई छत लगाना, ढांचे को मजबूत करना और सारा मलबा हटाना शामिल होगा। नई तस्वीर से पता चलता है कि ढांचा छोड़े जाने के बाद से कुछ प्रगति हुई है।
भोलारी हैंगर पर कब हुआ था हमला?
भोलारी के हैंगर पर 10 मई, 2025 को सुबह 10 बजे से 12 बजे के बीच हमला किया गया। हालांकि एयरफोर्स ने उस हथियार का नाम नहीं बताया जिसका इस्तेमाल भोलारी पर हमले में किया गया।
हालांकि माना जाता है कि ऑपरेशन सिंदूर के दौरान IAF ने कई तरह के एयर-टू-सरफेस हथियारों का इस्तेमाल किया था।
इससे पहले भी पाकिस्तान के दूसरे सैन्य ठिकानों पर ऐसे ही मरम्मत कार्य देखे जा चुके हैं। मुरिद एयरबेस में टूटे भवन की छत को लाल तिरपाल से ढका गया था। सुक्कुर में ड्रोन हैंगर नष्ट हुआ था।
नूर खान एयरबेस पर कमांड और कंट्रोल सेंटर को नुकसान पहुंचा था। भोलारी का यह हैंगर भी उन्हीं ठिकानों में शामिल था जिन पर भारत ने ऑपरेशन सिंदूर के तहत हमला किया था।