“पद्म पुरस्कार विजेता डॉक्टरों ने वायु प्रदूषण पर दी स्वास्थ्य सलाह, कहा—फौरन हो सामूहिक कार्रवाई”…

पद्म पुरस्कार से सम्मानित डॉक्टरों ने वायु प्रदूषण को लेकर राष्ट्रीय स्वास्थ्य सलाह जारी की है। इन डॉक्टरों ने चेताया कि राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (एनसीआर), मुंबई और कई अन्य क्षेत्रों में वायु गुणवत्ता चिंताजनक स्तरों तक गिर गई है।

देश सार्वजनिक स्वास्थ्य आपातकाल का सामना कर रहा है। इससे हर आयु वर्ग प्रभावित है। बच्चों, गर्भवती महिलाओं, वरिष्ठ नागरिकों और दिल और फेफड़ों की बीमारियों से ग्रस्त लोगों के लिए जोखिम बढ़ गया है।

80 से अधिक डॉक्टरों द्वारा हस्ताक्षरित सलाह में कहा गया है कि स्वच्छ हवा बुनियादी जरूरत है। लोगों के स्वास्थ्य की रक्षा के लिए तत्काल सामूहिक कार्रवाई आवश्यक है।

इन डॉक्टरों ने चेताया है कि विषैली हवा से सांस संबंधी गंभीर समस्याएं बढ़ रही हैं।

हृदयाघात और स्ट्रोक का जोखिम भी बढ़ रहा है और मधुमेह और उच्च रक्तचाप को नियंत्रण में रखना मुश्किल हो रहा है। लंबे समय तक विषैली हवा के संपर्क में रहने से बच्चों में फेफड़ों को स्थायी नुकसान हो सकता है।

एडवाइजरी में नागरिकों से कहा गया है कि जहां तक संभव हो, एयर प्यूरीफायर का उपयोग करें। बाहर जाते समय एन95 मास्क पहनें। अधिक प्रदूषण के समय घर से बाहर व्यायाम से बचें।

वायु गुणवत्ता बेहद खराब हो तो दरवाजे और खिड़कियां बंद रखें। जिन घरों में प्यूरीफायर नहीं हैं, उनके लिए कम लागत वाले विकल्पों की सिफारिश की गई है।

इनमें अगरबत्तियों और अंदर के धुएं से बचना और खाना बनाते समय उचित वेंटिलेशन सुनिश्चित करना शामिल हैं।

डॉक्टरों ने कचरा जलाने से बचने, वाहन उत्सर्जन कम करने के साथ ही कड़े प्रदूषण नियंत्रण और एक्यूआइ-आधारित एडवाइजरी जारी करने की सलाह दी है।

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