देश में 811 लोगों पर एक डॉक्टर, सरकार ने संसद में पेश किए आंकड़े…

सरकार ने मंगलवार को संसद को बताया कि देश में डाक्टर-जनसंख्या अनुपात 1:811 है, यानी 811 लोगों पर सिर्फ एक डाक्टर उपलब्ध है।

राज्यसभा में एक प्रश्न के लिखित उत्तर में केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा ने बताया कि देश में 13,88,185 पंजीकृत एलोपैथिक डॉक्टर और आयुष चिकित्सा पद्धति में 7,51,768 पंजीकृत चिकित्सक हैं।

नड्डा ने आगे बताया कि देश में मेडिकल कालेजों, स्नातक (यूजी) और स्नातकोत्तर (पीजी) सीटों की संख्या में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है।

देश में बढ़ी मेडिकल कॉलेजों की संख्या

मंत्री ने कहा कि 2014 से मेडिकल कालेजों की संख्या 387 से बढ़कर 818, यूजी सीटें 51,348 से बढ़कर 1,28,875 और पीजी सीटें 31,185 से बढ़कर 82,059 हो गई हैं।

उन्होंने कहा कि सरकार ने वंचित, ग्रामीण और आदिवासी क्षेत्रों में डाक्टरों की उपलब्धता में सुधार के लिए कई कदम उठाए हैं।

हार्ट अटैक से संबंधित मामले केंद्रीय स्तर पर नहीं रखे जाते

वहीं, एक अन्य प्रश्न के उत्तर में जेपी नड्डा ने कहा कि हृदयाघात के मामलों से संबंधित आंकड़े केंद्रीय स्तर पर नहीं रखे जाते है।

आइसीएमआर के अनुसार, हृदयाघात के कारणों को समझने के लिए आइसीएमआर-राष्ट्रीय महामारी विज्ञान संस्थान (आइसीएमआर-एनआइई) ने देश भर के 25 अस्पतालों में एक अध्ययन किया है।

उन्होंने कहा कि इन मामलों में अक्टूबर, 2021 से जनवरी, 2023 तक अस्पतालों में भर्ती 18 से 45 वर्ष के मरीजों के बारे में सूचना एकत्र की गई है।

कफ सिरप निर्माताओं की गहन आडिट की गई

खराब कफ सिरप के सेवन से बच्चों की मौत के मद्देनजर 700 से अधिक कफ सिरप निर्माताओं की गहन आडिट की गई और केंद्रीय एवं राज्य औषधि नियामकों द्वारा सिरप फार्मूलेशन की बाजार निगरानी बढ़ा दी गई।

स्वास्थ्य राज्य मंत्री अनुप्रिया पटेल ने एक लिखित उत्तर में कहा कि मध्य प्रदेश के छिंदवाड़ा में बच्चों की मौत मामले में रिपोर्ट मिलने पर विशेषज्ञों की एक केंद्रीय टीम ने छिंदवाड़ा और नागपुर का दौरा किया और मध्य प्रदेश राज्य के अधिकारियों के साथ समन्वय में रिपोर्ट किए गए मामलों और मौतों की विस्तृत जांच की।

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