मिडिल ईस्ट में जारी तनाव के बीच भारत में गैस की किल्लत देखने को मिल रही है। गैस संकट के बीच केंद्रीय पेट्रोलियम मंत्रालय ने एलपीजी उपभोक्ताओं के लिए ई-केवाईसी (e-KYC) को लेकर जारी भ्रम को दूर कर दिया है।
केंद्रीय पेट्रोलियम मंत्रालय ने यह सप्ष्ट कर दिया है कि बायोमेट्रिक आधार प्रमाणीकरण केवल उन ग्राहकों के लिए अनिवार्य है, जो अब तक अपनी केवाईसी प्रक्रिया पूरी नहीं की है।
बार-बार केवाईसी की जरुरत नहीं
दरअसल, भारत में 33 करोड़ से अधिक एलपीजी उपभोक्ताओं हैं। जिनमें 105.1 मिलियन प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के लाभार्थी शामिल हैं। देशभर में जारी गैस संकट के बीच सरकार ने यह साफ कर दिया है कि सामान्य ग्राहकों को इसे बार-बार करने की आवश्यकता नहीं है।
हालांकि, उज्ज्वला योजना (PMUY) के लाभार्थियों को सब्सिडी का लाभ लेने के लिए साल में एक बार केवाईसी प्रकिया को पूरा करना होगा। कुल मिलाकर राहत की बात यह है कि केवाईसी प्रक्रिया के कारण गैस रिफिल की आपूर्ति में कोई बाधा नहीं आएगी।
15 मार्च को आया था आदेश
गौरतलब है कि 15 मार्च को केंद्रीय पेट्रोलियम मंत्रालय ने कहा था, “सभी घरेलू एलपीजी उपभोक्ताओं के लिए बायोमेट्रिक आधार प्रमाणीकरण (ई-केवाईसी) पूरा करना अनिवार्य है।”
किसे कराना होगा केवाईसी
वहीं, अब केंद्रीय पेट्रोलियम मंत्रालय ने सोशल मीडिया पर पोस्ट कर लिखा, “ई-केवाईसी की आवश्यकता उन एलपीजी उपभोक्ताओं पर लागू होती है, जिन्होंने अभी तक ई-केवाईसी नहीं कराया है। यदि आप पीएमयूवाई के ग्राहक नहीं हैं और आपने इसे पहले ही करा लिया है, तो आपको इसे दोबारा करने की आवश्यकता नहीं है।”
15 मार्च की अपनी पोस्ट का हवाला देते हुए मंत्रालय ने मंगलवार को कहा, “मंत्रालय की हालिया पोस्ट सरकार के उन निरंतर प्रयासों का हिस्सा है जिनका उद्देश्य अधिक से अधिक एलपीजी उपभोक्ताओं को बायोमेट्रिक आधार प्रमाणीकरण पूरा करने के लिए प्रोत्साहित करना है।”