अमेरिका-इजरायल का ईरान के साथ जारी युद्ध के आज एक महीने पूरे हो गए हैं।
इस बीच ट्रंप और नाटो सहयोगियों के बीच तनाव चरम पर पहुंच गया है। शुक्रवार को ट्रंप ने नाटो सहयोगियों को चेतावनी देते हुए कहा कि अगर ये देश इस युद्ध में अमेरिका को सैन्य और भौतिक सहायता नहीं देते हैं, तो अमेरिका के लिए भी गठबंधन की रक्षा प्रतिबद्धताओं को निभाना जरूरी नहीं है।
दरअसल, अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने कहा कि वह इस बात से नाराज हैं कि यूरोपीय नाटो देशों ने ईरान के खिलाफ युद्ध में अमेरिका को भौतिक सहायता प्रदान करने से इनकार कर दिया है।
अमेरिका को नाटो में मजबूरी नहीं
ट्रंप ने धमकी देते हुए कहा कि संयुक्त राज्य अमेरिका को नाटो में मजबूरी नहीं है और हमें नाटो के लिए वहां (उनके देश में) मौजूद रहने की जरूरत नहीं है।
ट्रंप की इस टिप्पणी ने अंतर-अटलांटिक गठबंधन के केंद्र में स्थित पारस्परिक रक्षा प्रावधानों के प्रति प्रतिबद्धता पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
अमेरिका ने यूएस सहयोगियों से नहीं लिया था परामर्श
गौरतलब है कि फरवरी में अमेरिका ने ईरान पर हमला करने के अपने फैसले पर यूरोपीय सहयोगियों से परामर्श नहीं किया था, जिसके कारण गठबंधन के कई नेताओं ने इस कार्रवाई का विरोध किया था।
जिसके बाद ट्रंप ने कहा कि हम हमेशा उनके साथ खड़े रहते, लेकिन अब उनके कार्यों के आधार पर मुझे लगता है कि हमें उनके साथ खड़े रहने की जरूरत नहीं है।