तेल उत्पादक देशों के संगठन ओपेक प्लस ने मई महीने के लिए अपने तेल उत्पादन में प्रतिदिन 2.06 लाख बैरल की बढ़ोतरी करने पर सैद्धांतिक रूप से सहमति जताई है। समूह की बैठक से पहले तीन सूत्रों ने रविवार को यह जानकारी दी।
यह बढ़ोतरी काफी हद तक केवल कागजों पर ही रहेगी क्योंकि इसके प्रमुख सदस्य युद्ध के कारण उत्पादन बढ़ाने में असमर्थ हैं।
पश्चिम एशिया में युद्ध के कारण फरवरी के अंत से ही स्ट्रेट आफ होर्मुज प्रभावी रूप से बंद है। इसके चलते ओपेक प्लस के सदस्य देशों सऊदी अरब, यूएई, कुवैत और इराक से होने वाला निर्यात भी प्रभावित हुआ है।
उत्पादन बढ़ाने में असमर्थ कई समूह
ये ही वे देश थे जो युद्ध शुरू होने से पहले भी अपने उत्पादन में उल्लेखनीय वृद्धि करने में सक्षम थे। रूस जैसे समूह के अन्य सदस्य पश्चिमी प्रतिबंधों और यूक्रेन के साथ युद्ध के दौरान बुनियादी ढांचे को हुए नुकसान के कारण अपना उत्पादन बढ़ाने में असमर्थ हैं।
हालात सामान्य होने में लग जाएगा इतना समय
खाड़ी क्षेत्र में भी मिसाइल और ड्रोन हमलों के कारण बुनियादी ढांचे को भारी नुकसान पहुंचा है।
खाड़ी क्षेत्र के कई अधिकारियों का कहना है कि भले ही युद्ध तुरंत रुक जाए और होर्मुज फिर से खुल जाए, फिर भी सामान्य परिचालन फिर शुरू करने और उत्पादन लक्ष्यों तक पहुंचने में कई महीने लग जाएंगे।