अमेरिकी नौसेना का निगरानी ड्रोन, एमक्यू-4सी ट्राइटन उड़ान के दौरान आपातकालीन चेतावनी जारी करने के कुछ ही समय बाद शुक्रवार को होर्मुज जलडमरूमध्य के ऊपर लापता हो गया।
रिपोर्टों के अनुसार, ड्रोन ने फारस की खाड़ी और होर्मुज जलडमरूमध्य की लगभग तीन घंटे तक निगरानी पूरी कर ली थी और प्रतीत हो रहा है कि वह इटली के सिगोनेला नौसेना हवाईअड्डे पर स्थित अपने अड्डे पर लौट रहा था।
एमक्यू-4सी ट्राइटन की कीमत 20 करोड़ डालर से अधिक है और इसे खाड़ी क्षेत्र में अमेरिकी केंद्रीय कमान के क्षेत्र में तैनात किया गया है।
ऑनलाइन फ्लाइट ट्रैकिंग वेबसाइट, फ्लाइटराडार24 के अनुसार कोड 7700 (सामान्य आपातकाल के लिए) भेजने के बाद ड्रोन ईरान की ओर थोड़ा मुड़ा और नीचे उतरना शुरू किया। गायब होने से पहले ड्रोन तेजी से नीचे उतरता दिखा।
यह स्पष्ट नहीं है कि ड्रोन दुर्घटनाग्रस्त हुआ या उसे मार गिराया गया। ड्रोन के लापता होने की घटना अमेरिका और ईरान के बीच युद्धविराम पर सहमति बनने के दो दिन बाद हुई है।
एमक्यू-4सी ट्राइटन ड्रोन की खूबियां
ट्राइटन महत्वपूर्ण समुद्री मार्गों पर लंबे समय तक रणनीतिक निगरानी कर सकता है।
इसे निरंतर और व्यापक समुद्री निगरानी के लिए डिजाइन किया गया है।
ट्राइटन एकमात्र आटोनामस हाई अल्टीट्यूट लांग एंडुरेंस (एचएएलई) समुद्री विमान है।
यह 50 हजार फीट से अधिक की ऊंचाई पर 24 घंटे से अधिक समय तक 7,400 समुद्री मील की रेंज के साथ उड़ान भरने में सक्षम है
ईरान युद्ध में प्रति सेकंड 10,300 डालर (लगभग 9.8 लाख रुपये) खर्च कर रहा अमेरिका
अमेरिका ईरान युद्ध में प्रति सेकंड 10,300 डालर (लगभग 9.8 लाख रुपये) खर्च कर रहा है। स्टाकहोम इंटरनेशनल पीस रिसर्च इंस्टीट्यूट (सिपरी) के डाटा के अनुसार, गोला-बारूद और मिसाइलों का हिस्सा 36 प्रतिशत यानी लगभग 3,040 करोड़ रुपये है।
हवाई अभियानों पर प्रतिदिन लगभग 245 मिलियन डालर (लगभग 2,327.5 करोड़ रुपये) खर्च होने का अनुमान है, जो दैनिक खर्च का 27.5 प्रतिशत है, जबकि नौसेना अभियानों पर प्रतिदिन लगभग 155 मिलियन डालर (लगभग 1,472.5 करोड़ रुपये) खर्च हो रहे हैं।
थाड, पैट्रियट बैटरी और एजिस बीएमडी इंटरसेप्ट जैसी मिसाइल रक्षा प्रणालियों पर प्रतिदिन लगभग 95 मिलियन डालर (902.5 करोड़ रुपये) खर्च होते हैं। खुफिया और साइबर अभियानों पर प्रतिदिन लगभग 45 मिलियन डालर (लगभग 427.5 करोड़ रुपये) खर्च होते हैं, जबकि कर्मियों और रसद पर प्रतिदिन लगभग 30 मिलियन डालर (लगभग 285 करोड़ रुपये) खर्च होते हैं।