राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में वन विभाग के विभिन्न प्रभागों में 225 एकड़ से अधिक वन भूमि को अतिक्रमण से मुक्त कराया गया है।
आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, इस कार्रवाई का सबसे बड़ा हिस्सा शहर के दक्षिणी क्षेत्रों से सामने आया है।
प्रमुख आंकड़े और क्षेत्र
वन विभाग द्वारा संकलित आंकड़ों से पता चलता है कि 2019-20 से अब तक लगभग 91.15 हेक्टेयर (करीब 225 एकड़) भूमि को अतिक्रमण मुक्त किया गया है।
- दक्षिण वन प्रभाग (South Forest Division): सबसे अधिक कार्रवाई दक्षिण जिले में हुई, जहां 2019-20 से 2024-25 के बीच लगभग 77 हेक्टेयर (190 एकड़) जमीन खाली कराई गई।
- दक्षिण-पूर्वी जिले में इसी अवधि के दौरान लगभग 2.92 हेक्टेयर (7.2 एकड़) जमीन मुक्त हुई।
- पश्चिम वन प्रभाग (West Forest Division): नई दिल्ली जिले के दक्षिणी रिज क्षेत्रों (रजोकरी, रंगपुरी, घिटोरनी और महिपालपुर) में लगभग 11.23 हेक्टेयर (27.7 एकड़) जमीन से अतिक्रमण हटाया गया।
वर्ष मुक्त कराई गई भूमि (हेक्टेयर में)
2019-20 7.67
2020-21 0.4
2021-22 1.57
2022-23 0.7
2023-24 0.89
विभाग की रणनीति और भावी योजना
- समन्वय: वन विभाग उन क्षेत्रों के आंकड़ों का मिलान कर रहा है जो अन्य भूमि-स्वामी एजेंसियों के अधीन हैं। कई प्रभागों में सीधे वन विभाग के नियंत्रण वाली भूमि पर ‘कोई अतिक्रमण नहीं’ पाया गया है।
- प्रक्रिया: अतिक्रमण हटाने के लिए नोटिस जारी करने, सीमांकन (demarcation) करने और राजस्व अधिकारियों के साथ तालमेल बिठाने जैसी प्रक्रियाएं अपनाई गई हैं।
- समय सीमा: पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय के क्षेत्रीय कार्यालय द्वारा जारी निर्देशों के अनुसार, वन भूमि पर से अतिक्रमण हटाने का काम पिछले साल नवंबर से दो साल के भीतर पूरा करना होगा और इसकी अनुपालन रिपोर्ट सौंपनी होगी।