मोदी और भारत दुश्मन घोषित; पाकिस्तान में स्थापित हुआ ‘आतंकवाद का नया अड्डा’, महिलाओं के लिए तैयार किया गया खास जिहादी पाठ्यक्रम…

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भारत के प्रति पाकिस्तान का नकारात्मक रवैया किसी से छिपा नहीं है, खासकर पाकिस्तानी सेना के संरक्षण में सक्रिय आतंकवादी संगठनों के माध्यम से। इस मुद्दे पर एक चौंकाने वाला खुलासा हुआ है।

पाकिस्तान में आतंकी गुट अब महिलाओं को फिदायीन (आत्मघाती हमलावर) के रूप में तैयार कर रहे हैं और उनके नए प्रशिक्षण पाठ्यक्रम में खुलेआम घोषणा की जा रही है कि मोदी और भारत उनके प्रमुख शत्रु हैं।

इंडिया टुडे की एक रिपोर्ट के मुताबिक, लश्कर-ए-तैयबा (LeT) जैसे संगठन ‘महिला सशक्तिकरण’ के नाम पर आयोजित मंचों के जरिए महिलाओं की भर्ती कर रहे हैं और उन्हें अपनी कट्टर विचारधारा से प्रभावित कर रहे हैं।

दरअसल, यह सबकुछ पहलगाम आतंकी हमले (जिसमें 26 निर्दोष नागरिक मारे गए थे) के जवाब में भारत द्वारा चलाए गए ऑपरेशन सिंदूर के बाद उजागर हुआ है।

खुफिया एजेंसियों के अनुसार, पाकिस्तान-आधारित आतंकी समूह अब गुप्त सामाजिक, राजनीतिक और शैक्षिक मोर्चों पर महिलाओं व युवाओं को निशाना बनाकर अपने नेटवर्क का विस्तार कर रहे हैं।

लीक हुए वीडियो में LeT का ‘नया पाठ्यक्रम’ दिखाया गया है, जो महिलाओं और लड़कियों को कट्टर बनाने का सुनियोजित अभियान है। इसमें भारत और पीएम मोदी को मुख्य दुश्मन के रूप में बताया जा रहा है।

जिहादी प्रशिक्षण शिविर चल रहे आतंकवादी

रिकॉर्डिंग से साफ होता है कि सियालकोट में अमेरिका द्वारा वैश्विक आतंकवादी घोषित हाफिज अब्दुर रऊफ के नेतृत्व में जिहादी प्रशिक्षण शिविर चल रहे हैं, जहां वह महिलाओं को जिहाद में भाग लेने के लिए ब्रेनवॉश कर रहा है।

LeT का यह प्रमुख कमांडर रऊफ वही है, जिसने मरकज-ए-तैयबा मुरीदके में पाकिस्तानी सेना के अधिकारियों की मौजूदगी में आतंकवादियों के लिए नमाज-ए-जनाजा (अंतिम प्रार्थना) पढ़ाई थी।

अब वह महिलाओं को जिहादी बनाने के लिए लाइव ऑनलाइन सत्र आयोजित कर रहा है, जिसे खुफिया एजेंसियां ‘आतंक का नया सिलेबस’ करार दे रही हैं।

LeT के एक प्रशिक्षण केंद्र से प्राप्त फुटेज में ब्रेनवॉश, भर्ती और जिहाद प्रशिक्षण के लाइव सत्र कैद हैं।

जैश-ए-मोहम्मद (JeM) के बाद LeT ने भी महिलाओं की भर्ती व प्रशिक्षण को तेज कर दिया है। उन्हें जिहाद का व्यवस्थित प्रशिक्षण दिया जा रहा है और पाकिस्तान में उनका प्रभाव बढ़ाया जा रहा है। सामग्री से LeT के प्रशिक्षण केंद्रों और पाकिस्तानी सेना-पुलिस के बीच सांठगांठ का भी पता चलता है। जांच से जुड़े अधिकारियों का कहना है कि इन शिविरों में सामरिक व वैचारिक प्रशिक्षण देने वालों में कुछ अधिकारी भी शामिल हैं। ‘नागरिक सशक्तिकरण’ के बहाने महिलाओं को शिक्षा व सामाजिक कार्य की आड़ में जिहाद सिखाया जा रहा है।

पाकिस्तान-भारत युद्ध जमात का जंग

वीडियो में हाफिज अब्दुर रऊफ महिलाओं से कहता नजर आ रहा है कि उनका फर्ज जिहाद के नाम पर लड़ना है, जबकि प्रशिक्षक भारत और मोदी को ‘सबसे बड़ा दुश्मन’ बता रहे हैं।

सूत्रों द्वारा ‘आतंकवाद का नया स्कूल’ नामित इस पाठ्यक्रम में स्पष्ट रूप से पढ़ाया जाता है कि मोदी और भारत दुश्मन हैं। एक क्लिप में LeT से जुड़े एक अन्य आतंकी इम्तियाज अहमद मक्की को महिला नव-भर्तियों को संबोधित करते हुए कहते सुना जा सकता है कि पाकिस्तान-भारत युद्ध कोई साधारण युद्ध नहीं, बल्कि हमारी जमात का युद्ध है।

मरकज-ए-तैयबा मुरीदके तुम्हारा केंद्र था। अब तुम्हारा सबसे बड़ा दुश्मन मोदी है, भारत है। हमारा हर काम जिहाद के लिए है, तुम्हें जो भी करना हो, जिहाद ही करना होगा।

मक्की का दावा है कि मरकज-ए-तैयबा मुरीदके पर हमला इस बात का प्रमाण है कि समूह पाकिस्तान मरकज मुस्लिम लीग (PMML) के जरिए अपनी गतिविधियां जारी रखेगा, जो LeT का राजनीतिक मोर्चा है।

वीडियो में वह घोषणा करता दिख रहा है कि अब उनका जिहाद ‘PMML के मंच से’ चलेगा।

महिलाओं-लड़कियों को जिहाद के लिए उकसा रहे

खुफिया सूत्रों के मुताबिक, 26/11 मुंबई हमलों के जिम्मेदार LeT ने शिक्षा व महिला सशक्तिकरण के नाम पर कई नागरिक-राजनीतिक मोर्चे खड़े कर अपने नेटवर्क को चुपके से फैलाया है।

इनमें PMML (LeT का राजनीतिक चेहरा, जो चुनाव लड़कर विचारधारा मुख्यधारा में लाने की कोशिश करता है), मुस्लिम यूथ लीग (MYL, युवाओं की भर्ती के लिए स्वयंसेवा व सामाजिक कार्य का ढोंग), तथा मुस्लिम महिला लीग (MWL) व मुस्लिम गर्ल्स लीग (MGL) शामिल हैं।

दोनों का संचालन हाफिज सईद के परिवार की महिलाएं करती हैं। ये सशक्तिकरण का दावा करती हैं, लेकिन असल में महिलाओं-लड़कियों को जिहाद के लिए उकसाती हैं।

वीडियो में अमेरिका-घोषित आतंकी मुहम्मद हैरिस डार को भी प्रशिक्षण सत्रों में शामिल दिखाया गया है, जो इन कार्यक्रमों में वैश्विक प्रतिबंधित आतंकियों की भूमिका उजागर करता है।

जांच से पता चलता है कि पाकिस्तानी सेना इन ‘सशक्तिकरण’ कार्यक्रमों में लिप्त है, जहां सैन्य व पुलिस अधिकारी सत्रों में मौजूद रहते हैं।

मरकज-ए-तैयबा मुरीदके से सियालकोट केंद्र तक, पूरा सिस्टम हिज्बुल्लाह व हमास की तर्ज पर ‘सामाजिक जिहादी नेटवर्क’ बन चुका है। राजनीति, धर्म व प्रचार को जोड़कर आत्मनिर्भर आतंकी ढांचा तैयार कर रहा है।

वैश्विक प्रतिबंधों के बावजूद, LeT इन मोर्चों से अपना प्रभाव बढ़ा रहा है। शिक्षा, राजनीति व धर्म को कट्टरपंथ के हथियार बना रहा है।

महिलाओं को न सिर्फ लड़ाकू भूमिकाओं के लिए, बल्कि घरों औऱ स्कूलों में चरमपंथ फैलाने के लिए भी तैयार किया जा रहा है, जिससे समाज की जड़ों में आतंक के बीज बोए जा रहे हैं।

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