बंगाल विधानसभा में राज्यपाल के अभिभाषण पर चर्चा के दौरान मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने केंद्र सरकार और सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) के खिलाफ मोर्चा खोल दिया।
मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि अंतरराष्ट्रीय सीमा पर बाड़ लगाने (फेंसिंग) के लिए जमीन देना मुद्दा नहीं है, केंद्र की नीतियां बाधा बनी हुई हैं। ममता ने केंद्र सरकार के उस फैसले को मनमाना बताया, जिसके तहत सीमावर्ती क्षेत्रों में बीएसएफ का अधिकार क्षेत्र 15 किलोमीटर से बढ़ाकर 50 किलोमीटर कर दिया गया है।
उन्होंने शर्त रखी कि केंद्र को सबसे पहले इस विस्तारित दायरे को वापस लेना होगा। केंद्र को संघीय ढांचे का सम्मान करना चाहिए। सुरक्षा के नाम पर आम लोगों के लोकतांत्रिक अधिकारों को बाधित नहीं किया जा सकता।
भाजपा के असहयोग वाले आरोपों को खारिज करते हुए ममता ने कहा कि राज्य सरकार ने रेलवे, रक्षा और सेल जैसी केंद्रीय एजेंसियों को पहले ही पर्याप्त जमीन मुहैया कराई है।
तंज कसते हुए कहा कि जो जमीन पहले ही दी जा चुकी है, केंद्र उस पर काम पूरा करके दिखाए, उसके बाद और जमीन की मांग करे। मुख्यमंत्री ने आगामी 2026 विधानसभा चुनाव का जिक्र करते हुए कहा कि भाजपा बंगाल में जीरो थी और जीरो ही रहेगी।