लंदन की एक बेहद महंगी सड़क, जहां आलीशान बंगले हैं लेकिन ज्यादातर खाली पड़े रहते हैं। ऊंची दीवारें, काले गेट और बाहर खड़ी सुरक्षा गाड़ियां।
देखने में यह अमीरों का इलाका लगता है, लेकिन इसके पीछे एक ऐसी कहानी छुपी है, जो ईरान की सत्ता, राजनीति और अरबों डॉलर की विदेशी संपत्तियों से जुड़ी है।
ब्लूमबर्ग की एक लंबी जांच में दावा किया गया है कि इन संपत्तियों का असली संबंध ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई के बेटे मोजतबा खामेनेई से है।
लंदन से शुरू होती है कहानी
लंदन के नॉर्थ इलाके में स्थित द बिशप्स एवेन्यू, जिसे ‘बिलियनेयर्सरो’ कहा जाता है, वहां कई महंगे बंगले एक नेटवर्क के तहत खरीदे गए हैं।
जांच के मुताबिक, इन संपत्तियों का सीधा मालिक मोजतबा खामेनेई नहीं है, बल्कि कई शेल कंपनियों और भरोसेमंद लोगों के नाम पर ये खरीदी गईं।
मोजतबा खामेनेई, जो ईरान के सर्वोच्च नेता के दूसरे बेटे हैं उनको उनके पिता का संभावित उत्तराधिकारी भी माना जाता है। बताया जाता है कि वह खुद किसी संपत्ति पर अपना नाम नहीं रखते, लेकिन सौदों में उनकी सीधी भूमिका रही है।
ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट के अनुसार, यह नेटवर्क कम से कम 2011 से सक्रिय है और इसकी कुल संपत्ति सैकड़ों करोड़ पाउंड में आंकी गई है।
कहां-कहां फैला है यह नेटवर्क?
सूत्रों और दस्तावेजों के मुताबिक, इस नेटवर्क ने कई देशों में निवेश किया है। इनमें शामिल हैं:-
- लंदन के महंगे इलाकों में कई आलीशान घर
- दुबई के ‘बेवर्लीहिल्स’ कहे जाने वाले इलाके में एक विला
- फ्रैंकफर्ट में फाइव-स्टार होटल
- स्पेन के मयोर्का द्वीप पर लग्जरी होटल
- टोरंटो में फोर सीजन्स प्राइवेट रेजिडेंस का पेंटहाउस
इनमें से एक संपत्ति की कीमत 2014 में 33.7 मिलियन यूरो बताई गई है। बताया गया है कि इन सौदों के लिए पैसा ब्रिटेन, स्विट्जरलैंड, लिकटेंस्टीन और यूएई के बैंकों के जरिए भेजा गया। पैसे का मुख्य स्रोत ईरानी तेल की बिक्री माना गया है।
अली अंसारी की भूमिका
इस पूरे नेटवर्क में एक अहम नाम है अली अंसारी। वह ईरान के बड़े कारोबारी हैं और कई संपत्तियां उनके नाम या उनकी कंपनियों के नाम पर दर्ज हैं।
ब्रिटेन ने अक्टूबर 2025 में अली अंसारी पर यह कहते हुए प्रतिबंध लगाए कि उन्होंने ईरान की रिवोल्यूशनरी गार्ड (IRGC) को आर्थिक मदद दी।
हालांकि, अंसारी ने साफ कहा है कि उनका मोजतबा खामेनेई से कोई व्यक्तिगत या आर्थिक संबंध नहीं है और वह इन प्रतिबंधों को अदालत में चुनौती देंगे।
जांच में सामने आया कि अंसारी कई शेल कंपनियों के जरिए मोजतबा खामेनेई के लिए काम करते थे और विदेशों में बैंकिंग व निवेश के रास्ते तैयार करते थे।
ईरान की छवि बनाम हकीकत
ईरान की सरकारी मीडिया हमेशा सर्वोच्च नेता और उनके परिवार को सादा और धार्मिक जीवन जीने वाला दिखाती रही है। लेकिन यह विदेशी संपत्तियों की कहानी उस छवि से बिल्कुल उलट नजर आती है, खासकर ऐसे समय में जब ईरान में:-
- महंगाई बढ़ रही है
- गरीबी गहरी हो रही है
- सरकार के खिलाफ बड़े पैमाने पर प्रदर्शन हुए हैं
- हजारों लोगों की मौत हो चुकी है
ईरान में ऐसे ताकतवर नेताओं के बच्चों को ‘आघाजादेह’ कहा जाता है, जिन पर सत्ता का फायदा उठाकर अमीर बनने के आरोप लगते रहे हैं।
आगे इन संपत्तियों का क्या होगा?
ब्रिटेन द्वारा अली अंसारी की संपत्तियां फ्रीज किए जाने के बाद यह आशंका जताई जा रही है कि यूरोप में मौजूद होटल और रियल एस्टेट जल्द बेचे जा सकते हैं।
जर्मनी और ब्रिटेन के कुछ अधिकारी मानते हैं कि पश्चिमी देशों की कमजोर निगरानी व्यवस्था का फायदा उठाकर यह पैसा बाहर लाया गया। फिलहाल, मोजतबा खामेनेई ने इस पूरे मामले पर कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है।