कुल्लू हादसे: औट-सैंज हाईवे पर पांच साल में 298 दुर्घटनाएं, क्या है वजह? सड़क की बदहाली का मामला कोर्ट तक पहुंचा…

हिमाचल प्रदेश के कुल्लू में हुए दर्दनाक हादसे के बाद एक बार फिर बदहाल नेशनल हाईवे पर सवाल उठ रहे हैं। औट-लुहरी-सैंज राष्ट्रीय राजमार्ग-305 पर शनिवार देर शाम हुए सड़क हादसे ने मार्ग की बदहाली की पोल फिर खोल दी है। सोझा में हुए टेंपो ट्रैवलर हादसे में कई पर्यटकों को जख्म मिले हैं।

बंजार से जलोड़ी जोत तक फैले इस मार्ग की स्थिति बेहद दयनीय बनी हुई है। सड़क जगह-जगह गड्ढों में तब्दील हो चुकी है, जिससे सफर जोखिम भरा हो गया है। राष्ट्रीय राजमार्ग पर पांच वर्ष में 298 सड़क हादसे हो चुके हैं।

10 हजार फीट की ऊंचाई से गुजरता है हाईवे

कुल्लू जिले में समुद्रतल से 10,280 फीट ऊंचे जलोड़ी दर्रे से गुजरने वाले राष्ट्रीय राजमार्ग में रोजाना हजारों पर्यटक जाते हैं। लेकिन इस मार्ग की हालत ग्रामीण सड़क से भी खस्ताहाल है। इस मार्ग में आउटर सिराज के अलावा बंजार, गाड़ागुशैणी, मंडी के बालीचौकी की लगभग दो लाख से अधिक आबादी की भी जीवन रेखा है। यह मार्ग 97 किलोमीटर लंबा है।

हादसों की तकनीकी वजह

दरअसल, सड़क की बदहाली के साथ हादसों की तकनीकी वजह भी है। उतराई और चढ़ाई वाली इस सड़क पर ब्रेक का ज्यादा इस्तेमाल होता है, इस कारण ब्रेक लेदर गर्म हो जाते हैं। कई बार ब्रेक काम नहीं करते। यहां के स्थानीय ड्राइवर तो हेवी गीयर में गाड़ी चलाकर या थोड़ा रुककर चलते हैं, लेकिन अन्य राज्यों से आने वाले चालक इससे अनजान होते हैं। बताया जा रहा है सोझा में हुए हादसे की वजह भी ब्रेक न लगना ही है।

जनता से लेकर जनप्रतिनिधि कर चुके प्रदर्शन

स्थानीय लोग, कारोबारी और विभिन्न राजनीतिक दलों के नेता कई बार इस सड़क की मरम्मत और विस्तारीकरण की मांग को लेकर प्रदर्शन कर चुके हैं, लेकिन स्थिति जस की तस बनी हुई है। स्थानीय विधायक सुरेंद्र शौरी भी कई बार इस मुद्दे को उठा चुके हैं, बावजूद इसके अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हो पाई है। 

कोर्ट तक भी पहुंचा बदहाली का मामला

मामला अब न्यायालय तक पहुंच चुका है। कुल्लू बार एसोसिएशन के अध्यक्ष व अधिवक्ता तेजा सिंह ठाकुर ने हिमाचल प्रदेश उच्च न्यायालय में सिविल रिट याचिका दायर कर इस सड़क की हालत सुधारने की मांग की है। याचिका में हाईवे के रखरखाव की कमी, सुरक्षा उपायों के अभाव और बढ़ती दुर्घटनाओं का विस्तृत उल्लेख किया गया है। उच्च न्यायालय ने इस मामले में प्रदेश सरकार और राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण से जवाबतलब किया है। 

2024-25 में हुए थे 71 हादसे

औट-लुहरी-सैंज राष्ट्रीय राजमार्ग-305 में 2020 और 2025 के बीच 298 दुर्घटनाएं हो चुकी हैं। 2020-21 में 48, 2021-22 में 52, 2022-23 में 65, 2023-24 में 62, 2024-25 में अब तक सबसे अधिक 71 हादसे हुए थे। जलोड़ा ब्लैक स्पाट में 2021 से 2025 तक 20 लोगों की मौत हो चुकी है।

दुर्घटना के बाद भी नहीं लिया सबक

जलोड़ी जोत से बंजार तक कई ब्लैक स्पाट है। इसमें सोझा, घियागी, जलोड़ा, ऐसे ब्लैक स्पाट है जहां पर हादसों का दोहराव होता है। इसके बावजूद यहां पर हादसे से निपटने के लिए कोई पुख्ता इंतजाम नहीं किए हैं।

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