दुलारचंद यादव की हत्या से लेकर अनंत सिंह की गिरफ्तारी तक – पूरी कहानी जानें सिर्फ 10 पॉइंट्स में…

 बिहार विधानसभा चुनाव से ठीक पहले पटना पुलिस ने बहुचर्चित दुलारचंद यादव हत्याकांड के मामले में बड़ी कार्रवाई करते हुए बाहुबली नेता और पूर्व विधायक अनंत सिंह को गिरफ्तार कर लिया है.

अनंत सिंह इस समय सत्तारूढ़ जदयू (JDU) के प्रत्याशी हैं और उनकी गिरफ्तारी ने मोकामा समेत पूरे राज्य की चुनावी राजनीति में हलचल मचा दी है. पुलिस ने अनंत सिंह को बाढ़ स्थित कारगिल मार्केट से गिरफ्तार किया है.

पटना के एसएसपी कार्तिकेय के शर्मा ने कहा कि 30 अक्टूबर को प्रतिस्पर्धी उम्मीदवारों के दो समूहों के बीच झड़प हुई. पथराव किया गया, जिससे कई लोग घायल हो गए.

घटना के बाद एक शव बरामद किया गया. मृतक, दुलारचंद यादव, उम्र 75 वर्ष, उस गांव के निवासी थे जहां यह झड़प हुई थी. दोनों पक्षों ने मामला दर्ज किया और पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी… सबूतों, प्रत्यक्षदर्शियों के बयानों और मृतक की पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट के आधार पर, ऐसा प्रतीत होता है कि आदर्श आचार संहिता का उल्लंघन किया गया था और यह एक गंभीर मामला है.

यह पाया गया कि यह सब उम्मीदवार अनंत सिंह की उपस्थिति में हुआ, जो इस मामले में मुख्य आरोपी भी हैं. अनंत सिंह को गिरफ्तार कर लिया गया है.

उनके साथी मणिकांत ठाकुर और रंजीत राम को भी उनके साथ गिरफ्तार किया गया है. तीनों को मजिस्ट्रेट के सामने पेश किया जाएगा और उचित जांच की जाएगी.

एसएसपी कार्तिकेय के शर्मा ने कहा कि हम जल्द से जल्द अदालत से उसकी रिमांड लेने की कोशिश करेंगे और अपनी जांच शुरू करेंगे. हम उसकी न्यायिक हिरासत पाने की कोशिश करेंगे.

मोकामा में हुए दुलारचंद यादव हत्याकांड मामले में कई अधिकारियों पर गाज गिरी है. चुनाव आयोग ने बड़ा एक्शन लेते हुए कई अधिकारियों का ट्रांसफर कर दिया है.

चुनाव आयोग ने SDO चंदन कुमार और दो SDOP का तबादला कर दिया है. साथ ही आयोग ने तीनों अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई करने का भी आदेश दिया है.

इस मामले में चुनाव आयोग ने बिहार पुलिस के SP ग्रामीण का भी ट्रांसफर किया है. आयोग ने बिहार के CEO से 2 नवंबर दोपहर 12 बजे तक रिपोर्ट भी देने कहा है.

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