प्रियंका प्रसाद (ज्योतिष सलाहकार): केवल व्हाट्सएप मेसेज 94064 20131
गुरु पूर्णिमा का त्योहार गुरु के प्रति सम्मान और कृतज्ञता व्यक्त करने का दिन है। इस साल गुरु पूर्णिमा 10 जुलाई को है। गुरु पूर्णिमा गुरुवार के दिन पड़ने के कारण इसका महत्व बढ़ रहा है।
इसके अलावा इस दिन इंद्र योग और वैधृति योग का भी शुभ संयोग बन रहा है। यह दिन विशेष रूप से महर्षि वेदव्यास को समर्पित है गुरु पूर्णिमा को आषाढ़ी पूर्णिमा या व्यास पूर्णिमा भी कहा जाता है।
इस साल पवित्र नदी में स्नान करना व दान का विशेष महत्व है। मान्यता है कि ऐसा करने से पापों से मुक्ति मिलती है और सुख-समृद्धि की प्राप्ति होती है। जानें गुरु पूर्णिमा पर स्नान-दान का मुहूर्त-
धनु राशि में रहेंगे चंद्रमा– ज्योतिषाचार्य एसएस नागपाल के अनुसार आषाढ़ शुक्ल पक्ष की पूर्णिमा को गुरु पूर्णिमा का पर्व मनाया जाता है।
यह दिन महर्षि वेदव्यास के जन्म दिवस के रूप में मनाते हैं। इस बार गुरु पूर्णिमा पर चंद्रमा धनु राशि में रहेंगे। इसके अलावा इंद्र व वैधृति योग बनने से गुरु पूर्णिमा का महत्व और भी बढ़ गया है।
शिष्य करते हैं गुरुओं की पूजा- इस दिन शिष्य अपने गुरुओं की पूजा-अर्चना करते हैं। गुरु यानी वह महापुरुष, जो आध्यात्मिक ज्ञान व शिक्षा से अपने शिष्यों का मार्गदर्शन करते हैं।
इस दिन महाभारत ग्रंथ के रचयिता महर्षि वेदव्यास, आदि शंकराचार्य और ब्रह्मा जी की पूजा विशेष रूप से की जाती है।
गुरु पूर्णिमा स्नान-दान का मुहूर्त: गुरु पूर्णिमा के दिन किसी पवित्र नदी में स्नान करना अत्यंत शुभ माना गया है। अगर ऐसा संभव नहीं है, तो घर पर ही स्नान के पानी में गंगाजल मिलाकर स्नान करना चाहिए। स्नान के बाद दान करना अत्यंत लाभकारी माना गया है।
गुरु पूर्णिमा पर स्नान-दान का ब्रह्म मुहूर्त सुबह 04:10 से सुबह 04:50 बजे तक रहेगा। अभिजित मुहूर्त सुबह 11:59 बजे से दोपहर 12:54 बजे तक रहेगा। विजय मुहूर्त दोपहर 02:45 बजे से दोपहर 03:40 बजे तक रहेगा।
गुरु पूर्णिमा पर बन रहे ये शुभ चौघड़िया मुहूर्त-
शुभ – उत्तम: 05:31 से 07:15
लाभ – उन्नति: 12:26 से 14:10
अमृत – सर्वोत्तम: 14:10 से 15:54