अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस इस महीने के अंत में अपनी पत्नी सेकेंड लेडी उषा वेंस के साथ भारत यात्रा पर जाएंगे।
सूत्रों ने उनकी भारत यात्रा की जानकारी दी है। उपराष्ट्रपति चुने जाने के बाद वेंस का यह दूसरा विदेशी दौरा होगा। इससे पहले वह पिछले महीने फ्रांस और जर्मनी की यात्रा पर गए थे।
आपको बता दें कि उनकी पत्नी उषा वेंस के माता-पिता भारत से अमेरिका गए थे। उषा वेंस सेकेंड लेडी बनने के बाद पहली बार भारत आ रही हैं।
उपराष्ट्रपति बनने के बाद वेंस का पहली बार पिछले महीने म्यूनिख सुरक्षा सम्मेलन में भाग लेने के लिए पहुंचे थे।
वहां उन्होंने यूरोपीय सरकारों पर तीखा हमला करते हुए अवैध आप्रवासन के मामले में उनके दृष्टिकोण, धार्मिक स्वतंत्रताओं के प्रति उपेक्षा और चुनावों के उलटने के मामलों को लेकर आलोचना की थी।
उनका यह भाषण उनके सहयोगियों को चौंका गया जो रूस और यूक्रेन के बीच युद्ध समाप्ति के लिए प्रस्तावों की उम्मीद कर रहे थे।
21 जनवरी 2025 को उषा वेंस अपने पति जेडी वेंस के संयुक्त राज्य अमेरिका के 50वें उपराष्ट्रपति के रूप में शपथ लेने के बाद पहली भारतीय-अमेरिकी हिंदू द्वितीय महिला बनीं।
इससे पहले पेरिस में एक बैठक के दौरान जेडी वेंस और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने चर्चा की थी, जिसमें स्वच्छ और विश्वसनीय परमाणु प्रौद्योगिकी के साथ भारत के ऊर्जा विविधीकरण के लिए अमेरिकी समर्थन शामिल था।
बैठक के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस और द्वितीय महिला उषा वेंस ने साथ कॉफी पी थी।
व्हाइट हाउस ने एक बयान में कहा कि पीएम मोदी ने वेंस के बच्चों को उपहार भी दिए और उनके बेटे विवेक को जन्मदिन की शुभकामनाएं दीं।
वैंस की भारत यात्रा के मायने?
हाल के वर्षों में भारत और अमेरिका के संबंध मजबूत हुए हैं। व्यापार और रक्षा के क्षेत्र में दोनों देशों ने कई समझौते किए हैं।
दोनों देश सुरक्षा से लेकर तकनीक तक के अहम मुद्दों पर एक-दूसरे के साथ मिल रहे हैं। उषा वेंस की भारतीय विरासत को देखते हुए वेंस की यात्रा कूटनीतिक महत्व और व्यक्तिगत महत्व दोनों रखती है।