जीवन रक्षक कार्डियक इम्प्लांट की सप्लाई रुकने पर जम्मू-कश्मीर हाईकोर्ट सख्त, अधिकारियों को जारी किए निर्देश…

जीवन रक्षक कार्डियक इम्प्लांट, स्टेंट और अन्य आवश्यक उपभोग्य सामग्री की अचानक आपूर्ति रुकने से एंजियोग्राफी, एंजियोप्लास्टी, स्टेंटिंग और सीसीयू प्रबंधन जैसी महत्वपूर्ण हृदय सेवाओं पर पड़े प्रभाव से संबंधित मामले में जम्मू-कश्मीर और लद्दाख हाईकोर्ट ने अधिकारियों को नई खरीदी गई सीटी स्कैन मशीनों की डिलीवरी और उन्हें चालू करने की समयसीमा के बारे में स्पष्ट हलफनामा दाखिल करने का निर्देश दिया है।

यह निर्देश चीफ जस्टिस अरुण पल्ली और जस्टिस राजनेश ओसवाल की खंडपीठ ने दिए। यह जनहित याचिका दैनिक समाचार पत्र में प्रकाशित रिपोर्ट के आधार पर स्वतः संज्ञान लेकर दायर की गई थी।

सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ता की ओर से एडवोकेट एसएस. अहमद और एसएस. चौहान पेश हुए, जबकि प्रतिवादियों की ओर से सीनियर एडिशनल एडवोकेट जनरल मोनिका कोहली उपस्थित रहीं।

गनई वीडियो कान्फ्रेंसिंग के माध्यम से कार्यवाही में शामिल हुए

सुनवाई के दौरान जम्मू-कश्मीर मेडिकल सप्लाइज कॉरपोरेशन के प्रबंध निदेशक तारिक एच. गनई वीडियो कान्फ्रेंसिंग के माध्यम से कार्यवाही में शामिल हुए। उन्होंने कोर्ट को बताया कि 128-स्लाइस की सात सीटी स्कैन मशीनों की खरीद के लिए अप्रैल, अगस्त और दिसंबर 2025 में खरीद आदेश जारी किए गए थे।

उन्होंने बताया कि इन सात मशीनों में से चार जम्मू संभाग के अस्पतालों में और तीन श्रीनगर संभाग के अस्पतालों में स्थापित की जानी हैं। अदालत को यह भी बताया गया कि इन मशीनों की निर्धारित डिलीवरी मार्च 2026 में मुंबई पोर्ट पर होनी है और डिलीवरी के बाद उन्हें जल्द से जल्द चालू करने के लिए सभी प्रयास किए जा रहे हैं।

खंडपीठ ने इन दलीलों पर संज्ञान लेते हुए अधिकारियों को मशीनों की सटीक डिलीवरी तिथि और उन्हें चालू करने में लगने वाले समय की जानकारी देते हुए विस्तृत हलफनामा दाखिल करने के लिए समय दिया।

दस्तावेज रिकार्ड पर रखने के लिए आवेदन दायर किया

इसी दौरान न्यायालय के एमिकस क्यूरी एसएस. अहमद ने बताया कि उन्होंने कुछ दस्तावेज रिकार्ड पर रखने के लिए आवेदन दायर किया है।

उनके अनुसार इन दस्तावेजों से यह संकेत मिलता है कि सरकारी मेडिकल कॉलेज जम्मू के रेडियो डायग्नोसिस विभाग के विभागाध्यक्ष सरकारी नियमों और सरकारी आदेश संख्या 43-एचएमई, 2013 (दिनांक 17 जनवरी 2013) का उल्लंघन करते हुए निजी प्रैक्टिस में शामिल थे।

इस पर कोर्ट ने नोटिस जारी किया, जिसे सीनियर एडिशनल एडवोकेट जनरल मोनिका कोहली ने स्वीकार किया और निर्देश प्राप्त करने के लिए थोड़ा समय मांगा।

सुनवाई के दौरान सरकारी मेडिकल कॉलेज जम्मू के प्रिंसिपल डा अशुतोष गुप्ता और एसएसपी जम्मू जोगिंदर सिंह वर्चुअल माध्यम से उपस्थित रहे, जबकि सब-इंस्पेक्टर आरएस. चौधरी अदालत में व्यक्तिगत रूप से मौजूद थे।मामले की अगली सुनवाई अब 7 अप्रैल 2026 को निर्धारित की गई ।

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