भारत ने एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल करते हुए अमेरिका की प्रमुख अरबपतियों की लिस्ट में चीन और इजरायल को पीछे छोड़ दिया है।
इस सूची में उद्यमी जय चौधरी को सबसे अमीर भारतीय-अमेरिकी के रूप में मान्यता दी गई है। फोर्ब्स की हाल ही में जारी की गई ‘अमेरिका के सबसे अमीर प्रवासी 2025’ सूची में यह जानकारी दी गई।
इसमें भारत को अमेरिका में अरबपति प्रवासियों का सबसे बड़ा स्रोत देश बताया गया है। यह रिपोर्ट बुधवार को प्रकाशित हुई और इसमें भारत ने इजरायल और ताइवान को पीछे छोड़ दिया है।
फोर्ब्स के अनुसार, अमेरिका में रहने वाले विदेशी मूल के अरबपति नागरिकों की संख्या अब 125 हो गई है, जो 2022 में 92 थी। ये अरबपति अब अमेरिका की कुल अरबपति संपत्ति में 18% का योगदान दे रहे हैं, जिसकी कुल अनुमानित राशि 7.2 ट्रिलियन डॉलर है। प्रवासी अरबपतियों की कुल संपत्ति 1.3 ट्रिलियन डॉलर आंकी गई है, जो अब तक का रिकॉर्ड है।
भारत की बढ़ती मौजूदगी
2022 में भारत से केवल 7 अरबपति प्रवासी अमेरिका में थे, जबकि इजरायल, कनाडा जैसे देश उससे आगे थे। लेकिन 2025 की सूची में भारत पहले स्थान पर आ गया है, जहां अब 12 भारतीय मूल के अरबपति प्रवासी शामिल हैं।
इजरायल और ताइवान 11-11 अरबपतियों के साथ दूसरे स्थान पर हैं। चीन भी 8 अरबपतियों के साथ सूची में है।
सबसे अमीर भारतीय-अमेरिकी: जय चौधरी
इस सूची में जीस्केलर (Zscaler) के सीईओ और साइबरसिक्योरिटी के दिग्गज जय चौधरी को सबसे अमीर भारतीय-अमेरिकी अरबपति बताया गया है।
उनकी कुल संपत्ति 17.9 बिलियन डॉलर (लगभग ₹1.49 लाख करोड़) बताई गई है। अन्य प्रमुख भारतीय मूल के अरबपतियों में गूगल के सीईओ सुंदर पिचाई और खोसला वेंचर्स के विनोद खोसला का नाम भी शामिल है।
सबसे अमीर प्रवासी अरबपति: एलन मस्क
फोर्ब्स के मुताबिक, एलन मस्क अमेरिका के ही नहीं बल्कि दुनिया के सबसे अमीर प्रवासी अरबपति हैं। दक्षिण अफ्रीका में जन्मे मस्क कनाडा के रास्ते अमेरिका आए थे और उनकी कुल संपत्ति लगभग 400 बिलियन डॉलर है।
दूसरे स्थान पर गूगल के सह-संस्थापक सर्गेई ब्रिन हैं, जिनकी संपत्ति 139.7 बिलियन डॉलर आंकी गई है। फोर्ब्स का कहना है कि अमेरिका के टॉप 10 अरबपतियों में से तीन प्रवासी मूल के हैं, जो यह दर्शाता है कि वैश्विक प्रतिभा किस तरह अमेरिका के आर्थिक परिदृश्य को आकार दे रही है।