Araria में अब शादी समारोह में कॉमर्शियल गैस सिलेंडर के उपयोग के लिए कैटरर्स को आवेदन देना अनिवार्य होगा; नियमों के पालन की जांच के लिए छापेमारी टीम का गठन किया गया है…

जिले में निजी स्कूलों द्वारा की जा रही मनमानी व रसाेई गैस की उपलब्धता को लेकर गुरुवार की शाम समाहरणालय स्थित परमान सभागार में डीएम विनोद दूहन ने प्रेसवार्ता कर जानकारी दी।

उन्होंने जिले में एलपीजी आपूर्ति की अद्यतन स्थिति की जानकारी दी गई। जिलाधिकारी ने कहा कि जिले में एलपीजी गैस आपूर्ति को सुचारू, पारदर्शी एवं प्रभावी बनाने के लिए प्रशासन द्वारा कई आवश्यक कदम उठाए गए हैं। वर्तमान में जिले में कुल 11,075 सिलिंडरों का स्टाक उपलब्ध है।

जिलाधिकारी ने कहा कि अब वैवाहिक कार्यक्रमों में गैस की कमी नहीं होगी। इसके लिए कैटरर्स को वाणिज्यिक गैस उपलब्ध कराने की व्यवस्था की गई है।

जिस व्यक्ति के घर में वैवाहिक कार्यक्रम निर्धारित है, वह संबंधित अनुमंडल पदाधिकारी को वाणिज्यिक गैस की आपूर्ति के लिए आवेदन समर्पित कर सकेंगे। संबंधित एसडीओ, प्राप्त आवेदन के आधार पर आवश्यक आकलन करेंगे।

इसके बाद संबंधित तेल कंपनी को निर्देशित किया जाएगा कि वैवाहिक कार्यक्रम के दिन, उपलब्धता के अनुसार उस व्यक्ति के कैटरर्स को आनुपातिक रूप से वाणिज्यिक गैस की आपूर्ति सुनिश्चित की जाएगी। जिलाधिकारी द्वारा सभी रसोईया/कैटरर्स से अपने वाणिज्यिक गैस निबंधन कराने का अनुरोध किया गया है।

गैस एजेंसियों की निगरानी के लिए जिले में 27 छापेमारी टीमों का गठन किया गया है। अब तक 55 गैस एजेंसियों पर 428 छापेमारी की जा चुकी है, जिसमें फारबिसगंज और अररिया में कुल 268 सिलेंडर जब्त किए गए हैं।

साथ ही 14 एजेंसियों पर दंडाधिकारी की प्रतिनियुक्ति कर विधि-व्यवस्था बनाए रखने के निर्देश दिए गए हैं। प्रखंड स्तर पर 199 गैस वितरण केंद्र स्थापित किए गए हैं, जबकि नगर परिषद एवं नगर पंचायत क्षेत्रों में 42 क्लस्टर बनाकर गैस वितरण की व्यवस्था की गई है।

इसके अतिरिक्त 13 प्रमुख गैस एजेंसियों पर समन्वयकों की तैनाती की गई है, जो गैस की उपलब्धता, वितरण और बुकिंग की निगरानी कर प्रतिदिन जिला नियंत्रण कक्ष को रिपोर्ट देंगे।

जिले में आठ अप्रैल को 5,959 सिलेंडर की आपूर्ति की गई। वहीं शिकायत निवारण के लिए जिला नियंत्रण कक्ष सक्रिय है। 17 मार्च से 09 अप्रैल तक कुल 330 शिकायतें प्राप्त हुईं, जिनमें से 260 का निष्पादन कर दिया गया है, जबकि 70 शिकायतें लंबित हैं।

लंबित मामलों के समाधान हेतु संबंधित एजेंसियों के एरिया मैनेजर को निर्देश दिए गए हैं। आम लोगों से अपील की है कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें और किसी भी समस्या के लिए जिला नियंत्रण कक्ष से संपर्क करें।

निजी स्कूलों की मनमानी पर जिला प्रशासन सख्त

डीएम विनोद दूहन ने प्रेसवार्ता में बताया कि निजी विद्यालयों की गतिविधियों पर प्रशासन की पैनी नजर है और अभिभावकों के हितों की रक्षा के लिए सख्त कदम उठाए जा रहे हैं।

जिलाधिकारी ने स्पष्ट कहा कि विद्यालयों द्वारा किताबों, ड्रेस या अन्य सामग्री की सूची अपनी वेबसाइट और सूचना पट्ट पर जारी की जाएगी, लेकिन अभिभावक अपनी सुविधा के अनुसार कहीं से भी इन सामग्रियों की खरीद कर सकेंगे। किसी विशेष दुकान या स्थान से खरीद के लिए बाध्य करना पूर्णतः प्रतिबंधित रहेगा।

उन्होंने कहा कि इस तरह की शिकायत प्राप्त होने पर संबंधित विद्यालयों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाएगी। यदि कोई विद्यालय अभिभावकों पर किसी विशेष दुकान से सामग्री खरीदने का दबाव बनाता है या निर्धारित नियमों का उल्लंघन करता है, तो उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।

जिलाधिकारी ने जिलेवासियों से अपील करते हुए कहा कि यदि किसी प्रकार की शिकायत हो, तो वे जिला शिक्षा पदाधिकारी के कार्यालय में अपनी शिकायत दर्ज कराएं, ताकि उस पर त्वरित कार्रवाई की जा सके।

इस अवसर पर जिला आपूर्ति पदाधिकारी दिनेश पासवान, जिला शिक्षा पदाधिकारी संजय कुमार व जिला जनसंपर्क पदाधिकारी शंभु कुमार रजक मौजूद थे।

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