कलकत्ता हाई कोर्ट ने पाक्सो मामले में जिला कोर्ट के आदेश को खारिज करते हुए कहा है कि गवाही लेने के बाद पीड़िता को दोबारा अदालत में नहीं बुलाया जा सकता।
कानून पीड़िता व्यक्ति को सम्मान और मानसिक सुरक्षा प्रदान करता है। वह उसके अधिकारों की भी रक्षा करता है।
कोर्ट से मिली जानकारी के अनुसार राज्य के हुगली जिले में एक नाबालिग लड़की की गुमशुदगी के मामले की जांच के दौरान पुलिस को पता चला कि यौन शोषण के लिए उसे बेच दिया गया था।
मामले में गिरफ्तार आरोपित ने उसे शारीरिक और मानसिक रूप से प्रताडि़त भी किया था। मामले में अपहरण, मानव तस्करी, दुष्कर्म, साजिश और पॉक्सो अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया गया था।
सुनवाई के दौरान जिला कोर्ट ने दो दिनों तक पीड़िता के बयान दर्ज किए। यहां तक कि आरोपित के वकील ने भी उससे पूछताछ की।
लगभग पांच महीने बाद आरोपित के वकील ने अदालत में अपील दायर करते हुए कहा कि पहले उनके कनिष्ठ वकील ने पीड़िता से पूछताछ की थी, लेकिन वे कई महत्वपूर्ण सवाल पूछना भूल गए थे।