गाजा में हमले को लेकर इजरायल ने पहली बार माना कि है कि 7 अक्टूबर, 2023 को हमास के हमले के बाद गाजा स्वास्थ्य मंत्रालय की ओर से जारी किए गए मौतों के आंकड़े की वजह से दोनों पक्षों के बीच पूरी तरह से युद्ध शुरू हो गया था।
गाजा स्वास्थ्य मंत्रालय के मौजूदा आंकड़ों की अगर मानें तो कुल 71,667 मौतें हुई हैं, जिसमें अक्टूबर 2025 के सीजफायर के बाद से 450 से ज्यादा मौतें शामिल हैं। एक वरिष्ठ इजरायली सेना अधिकारी के मुताबिक, इजरायली डिफेंस फोर्स (आईडीएफ) यह मानती है कि इस दौरान 70 हजार से ज्यादा फिलिस्तीनी मारे गए हैं।
तबाह हुई इमारतों के मलबे में दबे लोगों की गिनती नहीं है शामिल
पहले, इजरायल ने इन आंकड़ों पर सवाल उठाए थे। इजरायली विदेश मंत्रालय ने तो इन आंकड़ों को गुमराह करने वाला और अविश्वसनीय तक कह दिया था। आईडीएफ ने यह भी बताया कि इन आंकड़ों वो लोग शामिल नहीं हैं जो अभी भी तबाह हुई इमारतों के मलबों के नीचे दबे हुए हैं। द टाइम्स ऑफ इजरायल की रिपोर्ट के मुताबिक, हमास का अनुमान है कि यह संख्या लगभग 10 हजार तक हो सकती है।
गाजा स्वास्थ्य मंत्रालय का यह भी दावा है कि युद्ध के दौरान कम से कम 440 फिलिस्तीनियों की मौत कुपोषण और भूख से हुई। हालांकि, इजरायली अधिकारियों ने इस दावे को यह कहते हुए खारिज कर दिया कि हमास मरने वालों की संख्या को बढ़ा-चढ़ाकर बता सकता है या पहले से बीमार लोगों को शामिल कर सकता है ताकि मरने वालों की संख्या ज्यादा दिखे।
हमास के आंकड़ों को इजरायल ने नहीं किया खारिज
मंत्रालय ने युद्ध में मिली 90 प्रतिशत से ज्यादा शवों के नाम और आईडी नंबर रिकॉर्ड कर लिए हैं। इजरायल ने हमास के स्वास्थ्य मंत्रालय की ओर से जारी किए गए आंकड़ों को सीधे तौर पर कभी खारिज नहीं किया। इसके बजाय उसने नागरिकों और लड़ाकों के अनुपात का अंदाजा लगाया और दावा किया कि आतंकवादियों की तुलना में कम नागरिक मारे गए।
गाजा में सीजफायर
गाजा में युद्धविराम अभी भी खतरे में है क्योंकि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप का इस पतली पट्टी को फिर से बनाने के लिए बनाया गया बोर्ड ऑफ पीस आकार ले रहा है। इस शांति संस्था की मेंबरशिप की कीमत 1 बिलियन डॉलर है और ट्रंप को यहां किसी भी फैसले को वीटो करने का अधिकार है।