अमेरिकी खुफिया एजेंसी ने दावा किया है कि ईरान के नए सुप्रीम लीडर मोजतबा खामेनेई शायद समलैंगिक हैं। न्यूयॉर्क पोस्ट ने अपनी रिपोर्ट में इस दावे को जगह दी है।
आयतुल्लाह अली खामेनेई को इस बात की वजह से डर था कि उनका बेटा इस्लामिक गणराज्य पर शासन करने के लायक नहीं होगा।
रिपोर्ट में तीन सूत्रों, दो खुफिया अधिकारी और एक व्हाइट हाउस के करीबी व्यक्ति का हवाला दिया गया है। ये सभी दावा करते हैं कि यह जानकारी अमेरिकी जासूसी एजेंसियों के लिए काफी विश्वसनीय है।
रिपोर्ट में बताया गया है कि जब अमेरिका अधिकारी ट्रंप को खुफिया जानकारी ब्रीफिंग दे रहे थे तब वह बहुत जोर से हंसने लगे। यह जानकारी इतनी अप्रत्याशित थी कि कमरे का माहौल बदल सा गया था। हालांकि, यह खबर ईरान के नए नेता की छवि पर गहरा सवाल उठाती है, खासकर ऐसे देश में जहां समलैंगिकता को मौत की सजा दी जाती है।
अमेरिकी खुफिया एजेंसियों का दावा
अमेरिकी जासूसी एजेंसियां इस बात पर यकीन रखती हैं कि मोजतबा खामेनेई लंबे समय से एक पुरुष के साथ यौन संबंध में रहे हैं। दो सूत्रों ने बताया कि यह संबंध उनके बचपन के ट्यूटर के साथ भी था। एक अन्य सूत्र ने कहा कि यह व्यक्ति खामेनेई परिवार के लिए पहले काम करता था।
अमेरिकी एजेंसियों के पास मोजतबा के यौन झुकाव का कोई फोटोग्राफिक सबूत नहीं है, लेकिन सूत्र दावा करते हैं कि जानकारी ‘सबसे सुरक्षित स्रोतों’ से आई है। एक सूत्र ने कहा, “यह जानकारी इतने ऊंचे स्तर तक पहुंची है, इसका मतलब है कि इस पर काफी भरोसा किया गया है।”
अतीत में भी हुए कुछ ऐसे दावे
मोजतबा खामेनेई के यौन जीवन के कुछ हिस्से पहले भी सामने आ चुके हैं। 2008 की खुफिया अमेरिकी डिप्लोमैटिक केबल (जो विकीलीक्स पर प्रकाशित हुई) में कहा गया था कि मोजतबा को इंग्लैंड में नपुंसकता का इलाज कराया गया था।
केबल के अनुसार, मोजतबा ने लंदन के वेलिंग्टन और क्रॉमवेल अस्पतालों में तीन लंबी यात्राएं कीं। वे काफी देर से शादी किए (लगभग 30 साल की उम्र में), क्योंकि नपुंसकता की समस्या थी। चौथी यात्रा के बाद उनकी पत्नी गर्भवती हुई।