ईरान रिवोल्यूशनरी गार्ड कोर (आईआरजीसी) ने कहा है कि अगर इजरायली पीएम बेंजामिन नेतन्याहू जिंदा हैं तो वो उनका पीछा कर उन्हें मार डालेगा।
आईआरजीसी ने नेतन्याहू को बच्चों का हत्यारा बताया है। हालांकि कई खबरों के मुताबिक, इजरायली पीएम कार्यालय ने नेतन्याहू की मौत की बात को फेक न्यूज बताया है।
मीनाब में स्कूल पर हमला
गौरतलब है कि अमेरिका-इजरायल और ईरान के बीच युद्ध के पहले दिन दक्षिणी ईरान के शहर मीनाब में लड़कियों के एक स्कूल पर हमला हुआ, जिसमें 160 से ज्यादा लोग मारे गए।
इनमें छात्राओं के अलावा स्कूल के कर्मचारी भी शामिल थे।
ईरान में इस हमले के बाद लोगों में जबरदस्त आक्रोश देखा गया और इन लड़कियों के जनाजे में बड़ी संख्या में ईरानी जनता शामिल हुई थी।
नेतन्याहू को अज्ञात अंजाम
ईरानी सरकारी मीडिया की रिपोर्ट के अनुसार आईआरजीसी ने एक बयान में कहा, जियोनिस्ट अपराधी प्रधानमंत्री का अज्ञात अंजाम, और उनकी मौत या कब्जे वाले इलाकों से अपने परिवार के साथ उनके भाग निकलने की संभावना है। यह एक संकट और जियोनिस्ट की डगमगाती स्थिति को उजागर करती है।
आईआरजीसी ने आगे कहा, अगर बच्चों की हत्या करने वाला अपराधी जीवित है तो हम पूरी ताकत से पीछा करके उन्हें मार डालेंगे। रिवोल्यूशनरी गार्ड्स की ओर से कहा गया है कि इजरायल और अमेरिका ने बिना किसी कारण के ईरान पर हमला करते हुए युद्ध शुरू किया है।
ईरान इस युद्ध को पूरी मजबूती से लड़ रहा है और इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू को छोड़ा नहीं जाएगा।
नेतन्याहू के मारे जाने की खबरों का खंडन
यह धमकी इजरायली प्रधानमंत्री कार्यालय के उस खंडन के बाद आई है जिसमें नेतन्याहू के मारे जाने की खबरों को गलत बताया गया है।
13 मार्च को नेतन्याहू के एक्स अकाउंट पर एक वीडियो पोस्ट किया गया था जिसमें वो ईरान के हमलों के बारे में जानकारी दे रहे थे। इंटरनेट मीडिया पर कई यूजर्स ने इस वीडियो को एआइ जेनरेटेड बताया था और दावा किया था कि नेतन्याहू की मौत हो चुकी है।