अमेरिकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप की ईरान के ऊर्जा ठिकानों पर हमले की डेडलाइन करीब आने के साथ ही युद्धविराम को लेकर प्रयास तेज हो गए हैं।
अमेरिका-ईरान के बीच पांच सप्ताह से जारी संघर्ष रोकने के लिए मिस्त्र, पाकिस्तान और तुर्किये की मध्यस्थता में 45 दिन के युद्धविराम का नया प्रस्ताव सामने आया है।
इस प्रस्ताव में होर्मुज जलडमरूमध्य को फिर से खोलने और इस अवधि में स्थायी समझौते पर बातचीत करने की बात कही गई है, लेकिन अब तक किसी पक्ष ने औपचारिक स्वीकृति नहीं दी है।
एक प्रस्ताव पाकिस्तान की तरफ से दिया गया है, जिसमें तत्काल युद्धविराम के बाद 15 से 20 दिनों में व्यापक शांति समझौते की रूपरेखा की बात कही गई है।
व्हाइट हाउस ने भी स्वीकार किया है कि ट्रंप के सामने कई प्रस्ताव आए हैं, लेकिन उन्होंने अभी तक किसी पर भी अंतिम मंजूरी नहीं दी है।
ईरान ने अस्थायी युद्धविराम के बदले होर्मुज को खोलने की मांग को सिरे से खारिज कर दिया है। साथ ही कहा है कि अगर हमले बढ़े तो बाब अल मंदेब को भी बंद कर दिया जाएगा, जिससे ग्लोबल सप्लाई चेन बाधित हो जाएगी।
इजरायल के रक्षा मंत्री ने ईरान के बुनियादी ढांचे को नष्ट करने और उसके नेताओं को एक-एक कर खत्म करने की चेतावनी दी है।
इस बीच, इजरायल ने सोमवार को ईरान के साउथ पार्स पेट्रोकेमिकल परिसर पर हमला किया, जबकि ईरान ने भी जवाबी कार्रवाई जारी रखी। इजरायल के हमले में ईरान के दो वरिष्ठ सैन्य अधिकारी मारे गए।
45 दिन बनाम 20 दिन का युद्धविराम प्रस्ताव
अमेरिकी मीडिया एक्सियोस के अनुसार, 45 दिन वाला युद्धविराम प्रस्ताव दो चरणों का बताया गया है। पहले चरण में करीब 45 दिन का युद्धविराम लागू होगा, जिसके दौरान स्थायी शांति समझौते पर बातचीत होगी। अगर बातचीत के लिए और समय की जरूरत पड़ी, तो युद्धविराम को आगे भी बढ़ाया जा सकता है।
दूसरे चरण में युद्ध को पूरी तरह खत्म करने से जुड़ा अंतिम समझौता किया जाएगा। इसमें होर्मुज को पूरी तरह खोलना और ईरानी संवर्धित यूरेनियम को देश के बाहर भेजने या उसकी मात्रा कम करने की शर्त शामिल है। ये सिर्फ अंतिम समझौते के बाद ही संभव होगा।