मिडिल ईस्ट में जारी जंग के बीच ईरान के कट्टरपंथी तेवरों ने दुनिया को दहला दिया है।
सुप्रीम लीडर खामनेई की मौत के बाद ईरान लगातार अमेरिका और इजरायल को धमकी दे रहा है। ईरान का कहना है कि अगर अमेरिका जमीनी सेना तैनात करता है तो उसे कई ताबूत मिलेंगे।
दरअसल, सरकारी टेलीविजन ने गुरुवार को ईरान के एक अयातुल्ला का संदेश प्रसारित किया, जिसमें इजरायलियों और अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप के खून बहाने का आह्वान किया गया था।
ईरान ने अमेरिका और इजरायल द्वारा उसके खिलाफ छेड़े गए युद्ध के लिए प्रतिशोध और परिणाम भुगतने की धमकी देना जारी रखा।
अयातुल्ला अब्दुल्ला जवादी अमोली का यह संदेश ईरान की ओर से जारी धार्मिक बयानों में से एक था, क्योंकि ईरान को दोनों देशों के संयुक्त हवाई हमले अभियान का सामना करना पड़ रहा है।
हम एक बड़ी परीक्षा के कगार पर
उन्होंने कहा, “हम अब एक बड़ी परीक्षा के कगार पर हैं और हमें इस एकता को पूरी तरह से बनाए रखने, इस गठबंधन को पूरी तरह से संरक्षित करने के लिए सावधान रहना चाहिए।”
आयतुल्लाह ने आगे कहा, “उस दौर के इमाम कहते हैं, दमनकारी अमेरिका से लड़ो, उसका खून मेरे कंधों पर है।”
अमेरिकी टैंकर पर हमला
बता दें कि ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड्स ने गुरुवार को कहा कि अमेरिका ने खाड़ी के उत्तरी भाग में एक अमेरिकी टैंकर पर हमला किया है और जहाज में आग लग गई है।
युद्ध की स्थिति में होर्मुज जलडमरूमध्य से आवागमन इस्लामिक गणराज्य के नियंत्रण में रहेगा। हालांकि, अमेरिका की ओर से इसकी पुष्टि नहीं हुई है।
ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने इससे पहले कहा था कि वाशिंगटन को बुधवार को अंतरराष्ट्रीय जलक्षेत्र में ईरानी फ्रिगेट डेना पर किए गए टॉरपीडो हमले से अपने द्वारा स्थापित की गई मिसाल पर गहरा अफसोस होगा, जिसके कारण जहाज डूब गया और जाहिर तौर पर चालक दल के अधिकांश सदस्यों की मौत हो गई।
अगर अमेरिका ने जमीनी सेना तैनात किया तो…
दक्षिण कोरिया में ईरान के राजदूत सईद कूजेची ने भी धमकी देते हुए एक संवाददाता सम्मेलन में कहा कि अगर अमेरिका ने जमीनी सेना तैनात करने का फैसला किया तो “कई ताबूत अमेरिका को वापस भेजे जाएंगे”।
सईद कूजेची ने अमेरिकी सैन्य ठिकानों वाले खाड़ी देशों पर ईरानी हमलों को अपरिहार्य बताते हुए उनका बचाव किया।
इजरायल के दिमोना को बनाएगा निशाना
बुधवार को एक ईरानी सैन्य अधिकारी ने अर्ध-सरकारी समाचार एजेंसी आईएसएनए को बताया कि अगर इजरायल और अमेरिका इस्लामी गणराज्य में सत्ता परिवर्तन की कोशिश करते हैं तो देश इजरायल के दिमोना स्थित परमाणु स्थल को निशाना बनाएगा।