मिडिल ईस्ट में जारी संघर्ष के बीच ईरान ने दावा किया है कि उसने 24 घंटे के अंदर अमेरिका के दो F-35 स्टील्थ फाइटर जेट मार गिराए हैं।
हालांकि, अमेरिका ने इन दावों को खारिज किया है और सोशल मीडिया पर वायरल तस्वीरों पर भी सवाल उठ रहे हैं।
ईरान की तसनीम न्यूज एजेंसी के अनुसार, इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने शुक्रवार को कहा कि उसने मध्य ईरान के आसमान में एक और F-35 जेट को मार गिराया।
एजेंसी ने एक विमान के मलबे की तस्वीरें भी जारी कीं और दावा किया कि पायलट के बचने की संभावना कम है।
ईरान का कहना है कि यह पिछले 24 घंटे में गिराया गया दूसरा F-35 है और 28 फरवरी से शुरू हुए संघर्ष के बाद यह तीसरा मामला है। इससे पहले 2 अप्रैल और 23 मार्च को भी ऐसे ही दावे किए गए थे।
वॉल स्ट्रीट जर्नल की रिपोर्ट के अनुसार, ईरान के ऊपर दुर्घटनाग्रस्त हुए एक अमेरिकी लड़ाकू विमान के चालक दल को खोजने और बचाने का अभियान चल रहा था।
मामले से परिचित लोगों ने वॉल स्ट्रीट जर्नल को बताया कि युद्ध शुरू होने के बाद से इस देश के भीतर किसी विमान के नष्ट होने का यह पहला ज्ञात मामला है।
अमेरिका ने क्या जवाब दिया?
अमेरिका के सेंट्रल कमांड ने ईरान के इन दावों को खारिज किया है। उन्होंने कहा कि सभी अमेरिकी फाइटर जेट सुरक्षित हैं और ईरान पहले भी कई बार ऐसे झूठे दावे कर चुका है।
मार्च की घटना को लेकर अमेरिका ने बताया कि एक F-35 मिशन के बाद मिसाइल हमले के कारण इमरजेंसी लैंडिंग करने को मजबूर हुआ था, लेकिन वह क्रैश नहीं हुआ था और पायलट सुरक्षित था।
तस्वीरों पर उठे सवाल
ईरान द्वारा जारी की गई तस्वीरों में एक सूखे और पथरीले इलाके में विमान का मलबा दिखाई दे रहा है। लेकिन सोशल मीडिया के एआई चैटबॉट ने इन तस्वीरों की सच्चाई पर सवाल उठाए हैं।
एआई के अनुसार, मलबे में F-35 की खास पहचान जैसे स्टील्थ डिजाइन, अमेरिकी निशान या अन्य तकनीकी विशेषताएं नजर नहीं आतीं। इसमें ‘EUROPE’ लिखा हुआ भी दिख रहा है, जो अमेरिकी जेट से मेल नहीं खाता।
क्या है पूरा विवाद?
एआई ने यह भी कहा कि तस्वीरें पुराने मलबे की हो सकती हैं और इन्हें नए दावे के साथ जोड़ा जा रहा है। अभी तक किसी स्वतंत्र स्रोत ने ईरान के इस दावे की पुष्टि नहीं की है। ऐसे में F-35 जेट गिराने को लेकर ईरान और अमेरिका के बीच दावे और खंडन जारी हैं, जिससे स्थिति और उलझ गई है।