मिडिल ईस्ट में जारी युद्ध बंद होने का नाम नहीं ले रहा है।
अमेरिका-इजरायल बनाम ईरान की लड़ाई में खाड़ी देशों को भारी नुकसान हो रहा है।
ईरानी सेना ने अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप द्वारा हाल ही में दी गई धमकियों के जवाब में कड़ा रुख अपनाते हुए अमेरिका, इजरायल और उसके सहयोगी देशों पर बड़े हमले की चेतावनी दी है।
दरअसल, ईरानी सशस्त्र बलों के केंद्रीय मुख्यालय के प्रवक्ता इब्राहिम जोल्फागरी ने शनिवार की सुबह एक बयान जारी कर अमेरिकी और इजरायली संपत्तियों के खिलाफ विनाशकारी हमलों की धमकी दी।
बुनियादी ढांचे को बनाया निशाना
इब्राहिम जोल्फागरी ने कहा कि यदि US ने ईरानी बुनियादी ढांचे को निशाना बनाया, तो इसका जवाब न केवल सैन्य संपत्तियों, बल्कि सहयोगी देशों के ऊर्जा और आर्थिक केंद्रों पर हमले के रूप में दिया जाएगा और अमेरिकी सैन्य ठिकानों वाले देशों पर विनाशकारी हमले होंगे।
ट्रंप ने दी थी हमले की चेतावनी
गौरतलब है कि अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप हाल ही में चेतावनी दी थी कि अमेरिका ईरान के नागरिक बुनियादी ढांचे को निशाना बनाना जारी रखेगा, जिसमें पुल, बिजली संयंत्र और ऊर्जा सुविधाएं शामिल हैं।
अमेरिकियों को अपने क्षेत्र से पीछे हटने के लिए मजबूर करें
जिसके बाद ईरानी सैन्य कमान ने चेतावनी दी है कि इन धमकियों के किसी भी क्रियान्वयन का इस्लामिक गणराज्य के सशस्त्र बलों द्वारा जबरदस्त बल के साथ जवाब दिया जाएगा।
ईरानी कमान ने क्षेत्रीय देशों को अल्टीमेटम देते हुए कहा है कि किसी भी बड़े नुकसान से बचने के लिए वे यूएस सैन्य ठिकानों वाले देशों को अमेरिकियों को अपने क्षेत्र से पीछे हटने पर मजबूर करना चाहिए।
इब्राहिम जोल्फागरी ने आगाह किया कि अब उसके जवाबी हमले सैन्य संपत्तियों के अलावा उनकी राजधानी के अधिक महत्वपूर्ण और व्यापक क्षेत्रों को साथ ही अमेरिका के सहयोगी देशों पर होंगे।
प्रेस टीवी की रिपोर्ट के अनुसार, ईरानी सैन्य कमान ने कहा कि विदेशी सेनाओं की वापसी ही अब मेज़बान देशों के लिए जारी युद्ध की चपेट में आने से बचने का एकमात्र रास्ता है।