अमेरिका और ईरान के बीच जारी तनाव के बीच होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) वैश्विक अर्थव्यवस्था के लिए सबसे बड़ा चोक पॉइंट बना हुआ है।
अमेरिकी सीनेटर क्रिस मर्फी ने युद्ध की तीखी आलोचना करते हुए कहा कि अमेरिका रोजाना 2 अरब डॉलर (लगभग 17,000 करोड़ रुपये) खर्च कर रहा है, जबकि जलडमरूमध्य युद्ध शुरू होने से पहले खुला था।
मर्फी ने कहा, “समस्या यह है कि जलडमरूमध्य युद्ध शुरू होने से पहले खुला था। हम अब उस समस्या को हल करने की कोशिश कर रहे हैं जो हमने खुद पैदा की है। यह पागलपन है!” उन्होंने आगे कहा, “2 अरब डॉलर बहुत बड़ी रकम है। युद्ध पर रोजाना खर्च होने वाली न्यूनतम राशि यही है।”
ईरान ने शुरू किया $2 मिलियन का टोल
ईरान ने होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने वाले कुछ जहाजों से 20 लाख डॉलर (लगभग 18.8 करोड़ रुपये) प्रति यात्रा टोल वसूलना शुरू कर दिया है।
ईरानी संसद की राष्ट्रीय सुरक्षा समिति के सदस्य अलाएद्दीन बोरोजर्दी ने राज्य प्रसारक IRIB को बताया कि यह कदम युद्ध की लागत वसूलने और जलडमरूमध्य पर “नई संप्रभु व्यवस्था” स्थापित करने का हिस्सा है।
बोरोजर्दी ने कहा, “कुछ जहाजों से 2 मिलियन डॉलर ट्रांजिट फीस वसूलना इरान की ताकत को दर्शाता है। युद्ध की लागत है, इसलिए हमें जहाजों से फीस लेनी होगी।” वहीं, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इरान को होर्मुज जलडमरूमध्य खोलने के लिए दी गई डेडलाइन को 10 दिन और बढ़ा दिया है।
क्या है अब नई डेडलाइन?
ट्रंप ने दावा किया कि बातचीत “बहुत अच्छी” चल रही है, लेकिन इरान ने किसी भी वार्ता से इनकार किया है।इरान ने अमेरिकी प्रस्ताव ठुकरा दिया और अपना पांच सूत्री प्रस्ताव रखा है, जिसमें युद्ध के लिए मुआवजा और होर्मुज जलडमरूमध्य पर अपनी संप्रभुता की मान्यता शामिल है। इजराइल ने शुक्रवार को इरान पर नए हमले किए और चेतावनी दी कि हमले “बढ़ेंगे और विस्तारित होंगे”।
वैश्विक प्रभाव
होर्मुज जलडमरूमध्य से दुनिया का लगभग एक पांचवां तेल और गैस गुजरता है। इसके बंद रहने से वैश्विक तेल की कीमतें बढ़ गई हैं, शेयर बाजार प्रभावित हुए हैं और अर्थव्यवस्था पर दबाव बढ़ा है। अमेरिका-इजराइल युद्ध के चलते क्षेत्र में तनाव चरम पर है।
सीनेटर क्रिस मर्फी ने चेतावनी दी कि यह “स्वयं पैदा किया संकट” अमेरिकी सैनिकों की मौत, भारी खर्च और पूरी दुनिया को आर्थिक नुकसान पहुंचा रहा है।