अमेरिकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप ने ईरान के पुलों और पावर प्लांटों पर हमला करने की धमकी दी।
उन्होंने कहा कि अगर होर्मुज स्ट्रेट को फिर से नहीं खोला गया तो वहां नरक जैसी जिंदगी जिएगा। इस पर ईरान ने पलटवार किया है।
ईरान के वरिष्ठ अधिकारियों ने ट्रंप की इन ताजा टिप्पणियों की निंदा करते हुए इन्हें एक खतरनाक खेल का हिस्सा बताया है।
उनका कहना है कि इससे आम नागरिकों को नुकसान पहुंचेगा और यह युद्ध अपराधों के लिए उकसाने जैसा है।
‘झूठ पर आधारित है यह लड़ाई’
आज ईरान की तरफ से कई बयान आए हैं, जिनमें विदेश मंत्रालय, संसद के स्पीकर और आईआरजीसी के बयान शामिल हैं।
इन सभी ने एक ही सुर में बात की है। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने मौजूदा हालात को लेकर ईरान के नजरिए के बारे में बात की। उन्होंने यह समझाने की कोशिश की कि यह पूरी लड़ाई झूठ पर आधारित है।
‘ईरानी लोगों के खिलाफ नरसंहार की धमकी’
उन्होंने कहा कि असली खतरा वह है जो अमेरिका अभी ईरान के सामने पेश कर रहा है और लंबे समय से करता आ रहा है।
इसमें ईरानी लोगों के बुनियादी ढांचे को तबाह करने की धमकी भी शामिल है। उनके अनुसार, यह धमकी ईरानी लोगों के खिलाफ नरसंहार की धमकी के बराबर है।
इसके अलावा, आईआरजीसी के कमांडर ने कहा कि होर्मुज स्ट्रेट अब कभी भी अपनी पुरानी स्थिति में वापस नहीं लौटेगा, खासकर अमेरिका और इजरायल के लिए।
उन्होंने कहा कि इस युद्ध के बाद यहां एक नई व्यवस्था लागू होगी और अब से ईरान जहाजों से शुल्क वसूलेगा, ताकि इस युद्ध में देश को हुए नुकसान की भरपाई की जा सके।