सुप्रीम कोर्ट के प्रधान न्यायाधीश सूर्यकांत ने गुरुवार को थिंपू में भूटान नरेश जिग्मे खेसर नामग्याल वांगचुक से मुलाकात की।
इस मुलाकात में भारत के प्रधान न्यायाधीश ने भूटान को न्यायिक क्षेत्र में तकनीक सहायता देने का प्रस्ताव रखा और उसके लाभ से अवगत कराया।
सीजेआइ ने कहा कि न्यायिक प्रक्रिया के डिजिलिटीकरण से जनता को सुलभ और शीघ्र न्याय संभव होता है। प्रधान न्यायाधीश ने बुधवार को भूटान के प्रधानमंत्री शे¨रग तोबगे से मुलाकात की थी और उनके साथ न्यायिक क्षेत्र में सहयोग, कानून की पढ़ाई, तकनीक चुनौतियों और द्विपक्षीय सहयोग पर बात की थी।
इस मुलाकात में प्रधान न्यायाधीश ने भूटान के विधि छात्रों को भारत में इंटर्नशिप की सुविधा देने का भी प्रस्ताव रखा। प्रधान न्यायाधीश की भूटानी प्रधानमंत्री से वार्ता में साइबर क्राइम और डिजिटल फ्राड पर भी चर्चा हुई।
कहा गया कि ऐसे अपराधों की चपेट में बुजुर्ग, कम पढ़े लोग और आर्थिक रूप से कमजोर लोग आते हैं। दोनों पक्षों ने ऐसे अपराधों की रोकथाम और उनसे निपटने के लिए मिलकर प्रयास करने पर सहमति जताई।
सुप्रीम कोर्ट की ओर से जारी बयान में कहा गया है कि प्रधान न्यायाधीश ने भूटान नरेश के साथ अन्य प्रमुख लोगों से मुलाकात की। इस दौरान हुई वार्ता में द्विपक्षीय सहयोग को और मजबूत करने पर सहमति बनी। विदित हो कि भारत और भूटान के बीच सहयोग का लंबा इतिहास है और अब दोनों देश न्यायिक क्षेत्र में भी साझेदारी बढ़ाने पर सहमत हैं।